अन्नदाता
अन्नदाता क्यूँ ! तुम जान लेने पर आमादा हो इन बेकसूर और भोले भाले किसानों की ये अन्नदाता ही नहीं है, देश की रीढ़ भी है ये ही नहीं रहेंगे तो देश कैसे उन्नति करेगा……! ये तो यूँ भी मर रहे हैं कर्ज़ तले दब कर कभी फाँसी, कभी ज़हर, कभी ऋण कभी…
जज्बातों की आंधी ***** जब चलती है वेदी पर उसके बहुत कुछ जल जाती है। वेग उसकी होती अथाह, पल में सब-कुछ कर देती तबाह। रौंद डालती सब-कुछ, विशाल और क्षुद्र। दिखता न उसको- सही और ग़लत, मिले जो कुछ पथ में- उठाकर देती है पटक! शांत वेग जब होता, सामने कुछ न होता। बिखरे…
उठे जब भी कलम ***** लिखेंगे सच सच हम, खाएं सब कसम! लाज साहित्य की बचायेंगे, किसी प्रलोभन में न आयेंगे। न बेचेंगे अपनी कलम, लेखनी से जनांदोलन छेड़ेंगे हम। उठाएंगे बेबस मजदूरों की आवाज, चाहे महिलाओं की मान सम्मान की हो बात। भ्रष्टाचार रूपी दानव को- लेखनी के दम पर हराएंगे, किसानों की बात…
क्यूं चाहते हो इतना मुझे खूबसूरत पहेली बताता है जो आंखों से नींदे मेरी चुराता है वो ख्वाबो से हटाकर धूल की परतें रुह को मेरी महकाता है वो दिन हमेशा खिल जाता है गुलाब सा कांटे सभी दामन से छुडाता है वो तन्हाईयों की जो लिपटी हुई थी चादरे…
किसानों की सुन ले सरकार! ******* आए हैं चलकर दिल्ली तेरे द्वार, यूं न कर उनका तिरस्कार; उन्हीं की बदौलत पाते हम आहार। सर्द भरी रातों में सड़कों पर पड़े हैं, तेरी अत्याचारी जल तोप से लड़ रहे हैं। सड़कों के अवरोध हटा आगे बढ़ रहे हैं, शायद कोई इतिहास नया गढ़ रहे हैं। आखिर…
नौसेना दिवस ( 04 दिसंबर ) भारत मना रहा है आज नौसेना दिवस, अपार शक्ति के आगे शत्रु सहमने को है विवश। नौसेनिक भी जी जान से करते हैं युद्धाभ्यास, समुद्री रास्ते से ना हो आतंकी हमले प्रयास। याद कर रहे हम उन वीरों को- दिया जिन्होंने सर्वोच्च बलिदान, है आजादी की लड़ाई में…
मैं तुम्हारे प्रेम में मैं तुम्हारे प्रेम में तुम्हारे हाथ की मेहंदी होना चाहता हूं जो तुम्हारे हाथों को भी महकाए और मेरे दिल को भी बहकाए…..! तुम्हारे प्रेम में मैं तुम्हारे हथेली में बने गहरे लाल सुर्ख़ टीके का रंग होना चाहता हूँ जो अपने प्रेम को ओर भी गहरा बनाए…….!…