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Urdu Nazm In Hindi | Sad Shayari -बेशुमार हादसों से गुज़रा हूँ मैं
बेशुमार हादसों से गुज़रा हूँ मैं ( Beshumar Haadson Se Guzra Hun Main ) बेशुमार हादसों से गुज़रा हूँ मैं! वक़्त इसलिए ही सहमा हूँ मैं! लहू लहू जिस्म है रूह के साथ, अहले जवानी झुक सा गया हूँ मैं! मुस्कुराहट ने छीन लिया चेहरा, ओढ़ कर सारे दर्द चल रहा…
Romantic Ghazal | Love Ghazal -दिल किसी के प्यार में पागल हुआ
दिल किसी के प्यार में पागल हुआ ( Dil Kisi Ke Pyar Mein Pagal Hua ) दिल किसी के प्यार में पागल हुआ! देखा ऐसे उसनें दिल घायल हुआ तल्ख़ लहज़ा रोज़ उसनें तो रक्खा कब वही दिल से मगर कोलम हुआ सुख गयी है फ़स्ल सारी देखिए की फ़लक पे…
Hindi Poetry On Life | Hindi Poem -आफर
आफर ( Offer ) क्या कोई ऐसा भी है जो, दुखी हृदय घबराए। प्रेम दिवस पर मुझे बुलाकर,पिज्जा, केक खिलाए। इससे पहले भाग्य अभागा, सिंगल ही मर जाए। फोन करे हुंकार को पहले, आकर आफर पाए। आँखों मे आँखो को डाले, मन की बात करेगे। पुष्प गुलाब का तुम ले आना, बालों…
क्या दूं || Sad Ghazal | Romantic Ghazal -सबूत क्या दूं मैं तुम्हारा हूं
सबूत क्या दूं मैं तुम्हारा हूं ( Saboot Kya Doon Main Tumhara Hoon ) छत न दीवार न सहारा हूं। सबूत क्या दूं मैं तुम्हारा हूं।। एक की बात हो तो बतलाऊं, हजारों खंजरों का मारा हूं।। पोछ कर आंसू मुस्करा के कहा बात कुछ भी नहीं बस हारा हूं। …
Romantic Ghazal | Love Ghazal -ज़ुल्फें उनकी काले बादल
ज़ुल्फें उनकी काले बादल ( Zulfen Unki Kaali Badal ) ज़ुल्फें उनकी काले बादल। चाँद भी मुख के आगे सायल।। मीन -सी चंचल उनकी आँखें। हिरनी जैसी बजती पायल।। अधरों की मुस्कान न पूछो। कोमल दिल को कर दे घायल।। फूलों से भी नाजुक लगते। गुलशन भी हो जाए कायल।।…
Hindi Poetry On Life | Hindi Poem -उलझन
उलझन ( Uljhan ) मचा हुआ है द्वंद हृदय में, कैसे इसको समझाए। यायावर सा भटक रहा मन, मंजिल तक कैसे जाए। उलझी है जीवन हाथों की,टेढी मेढी रेखाओ में। एक सुलझ न पायी अब तक,दूजी कैसे सुलझाए। वो मुझको चाहत से देखे, पर मन मेरे और कोई। मेरे मन मे रमा…
Chhodo Kal Ki Baatein | Kavita -छोड़ो कल की बातें
छोड़ो कल की बातें ( Chhodo Kal Ki Baatein ) छोड़ो कल की बातें जल्दी से संभालो अपना आज; क्योंकि इसी में छिपे हैं- तुम्हारी सफलता के सारे राज छोड़ो कल की बातें । कल क्या हुआ, कल क्या होगा इसकी क्यों करते हो फ़िक्र ? वर्तमान में जो लक्ष्य दिखता उस तक…
Shiksha Kavita | Shiksha Par Kavita | Poem On Shiksha -शिक्षा
शिक्षा ( Shiksha ) जगत में शिक्षा है आधार। शिक्षा बिना धुंध सा जीवन शिक्षा मुक्ती द्वार।। जगत में० ।। अनपढ़ मूढ़ निरक्षर क्या -क्या शव्द बुलाये जाते, इन लोगों से भेड़ बकरियां पशु चरवाये जाते, पढ़ें – लिखे मुट्ठी भर लोग तब करते अत्याचार।। जगतमें० ।। शिक्षा बिना न मिले नौकरी दर-दर ठोकर…
Romantic Ghazal | Love Ghazal -पहला प्यार
पहला प्यार (Pahla Pyar ) हृदय को तोड बताओ ना, कैसे तुम हँस लेते हो, बिना सोचे समझे कुछ भी तुम, मुझसे कह देते हो। प्यार करते है तुमसे पर, मेरे भी कुछ अरमां है, जिसे कदमों से मसल कर,जब जी चाहे चल देते हो। क्या मेरे दिल की बातें, तेरे दिल…
Ghazal | Amazing Urdu Poetry -प्यार के तू मुझपे गुलू कर दें
प्यार के तू मुझपे गुलू कर दें ( Pyar Ke Tu Mujhpe Guloo Kar De ) प्यार के तू मुझपे गुलू कर दें! सामने चेहरा रु- ब -रु कर दें वो मिलेगा नहीं कभी तुझको बंद उसकी तू जुस्तजू कर दें छोड़ नाराज़गी सभी दिल से की शुरु उससे गुफ़्तगू कर…