बंटवारा ( Batwara ) नही नफरत की बातें हो,चलों हम प्यार करते है। भुला के सारे शिकवे गम, मोहब्बत आज करते है। नही कुछ मिलने वाला है, तिजारत से यहाँ हमकों, इसी से कह रहा हूँ मैं, चलों दिल साफ करते है। जो बो दोगे धरा पर, बाद में तुम वो ही…
जय भारत ( Jay Bharat ) फिर से अलख जगाना होगा बुझती ज्योत को उठाना होगा संचार विहीन सुप्त चेतना हुयी प्राण सुधारस फिर भरना होगा.. छूट रहे हैं सब अपने धरम करम निज स्वार्थ ही है अब बना मनका मरी भावना रिश्तों मे अपने पन की घृणित कर्म नही हो,सनातन का.. हिंदी होकर…
अंतर्राष्ट्रीय शाकाहारी दिवस ( Antarrashtriya shakahari divas ) अपनी सभी बिमारियों को दूर आप भगाओ, आज अभी से शाकाहारी भोजन अपनाओ। देखते है इन्सान होने का प्रमाण कौन देते है, मांस मछली छोड़कर शाकाहारी बन जाओ।। जियो एवं जीने दो वन्यजीव पशु पक्षियों को, नहीं मारकर खाओ कोई भी इन्सान इनको। क्यों निमंत्रण दे…
राम आयेंगे- राम आयेंगे ” राम आयेंगे- राम आयेंगे” राम गये ही कब थे जो राम आयेंगे राम कहीं गये हैं क्या ? अयोध्या छोड़ कर राम तो — युगों-युगों से यहीं हैं सरयू जी के निर्मल नीर से पूछो राम बनवास गये तो भी यहीं रहे पादुकाओं के रूप में राम किसी विशेष…
बिटिया, खुश रहना ससुराल ( Bitiya, khush rahna sasural ) बिटिया खुश रहना ससुराल रहना सदा सुखी खुशहाल खुशियों से झोली भर जाए सुख आनंद सदा तू पाये महके जीवन दमके भाल बिटिया खुश रहना ससुराल प्रेम की जोत जलाते रहना भाव मधुर फैलाते रहना नेह की खुशबू महक उठेगी सपने नये सजाते…
श्री कृष्ण प्रेम ( Shri Krishna Prem ) श्री कृष्ण प्रेम सुगंधि,श्री मद्भागवत में ********** तीन सौ पैंतीस दिव्य अध्याय, बारह प्रेरणा पुंज स्कंध । अठारह हजार श्लोक अनुपमा, शब्द आभा आनंद बंध । कथा श्रवण परम सुअवसर , सुषुप्त सौभाग्य जगावत में । श्री कृष्ण प्रेम सुगंधि,श्री मद्भागवत में ।। हिंद वांग्मय मुकुटमणि…