Tairaki

तैराकी | Tairaki

तैराकी

( Tairaki )

 

डुबाती है तैराकी आपकी
या गहराई पानी की
लहरे तो हैं दोषी यूं ही
जो लाती हैं किनारे त वीसीक…

समझे नही देखे नही
उतर गए प्रवाह मे!
होती है शर्त परिणाम की
फूल बिछे नही राह मे…

तर गए जो तैर गैरी
जोखिम भी उठाए
धैर्य भी रखे जुनून भी रहा
दोष नहीं खुद को वजह रखे…

हराने की भावना मे
जीत हासिल होती भी कैसे
गुरुर भरे ऊंचे दरख़्त की
छांव नही होती….

पूर्णता अर्जित नही होती
अपूर्णता ही बनती है पूर्णता
शर्त है की,झुकना भी जरूरी है
उठने के लिए..

 

मोहन तिवारी

 ( मुंबई )

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