Tatrakshak Bal par Kavita

तटरक्षक बल | Tatrakshak Bal par Kavita

तटरक्षक बल

( Tatrakshak bal ) 

 

समुद्री सेवा प्रदान करता है तटरक्षक,
डूबते की जान बचाता है तटरक्षक।
तटरक्षक बल है सशस्त्र बल के ही जैसा,
समुद्री कानून की रक्षा करता है तटरक्षक।

 

करता है नौसेना का वो महानिदेशक नेतृत्व,
तालमेल से अपना फर्ज निभाता है तटरक्षक।
तटरक्षक जहाज होता है नौ सेना से अलग,
मछुआरों की रक्षा भी करता है तटरक्षक।

 

केद्र औ राज्य पुलिस के साथ करता है काम,
विदेशी मछुआरों की जाँच करता है तटरक्षक।
करता है निगहबानी विध्वंशक शक्तियों का ये,
अवैध गतिविधियों पे नजर रखता है तटरक्षक।

 

समुद्री प्रदूषण और गंदगी पर रखता है ध्यान,
पर्यावरण की भरपूर रक्षा करता है तटरक्षक।
समुद्री जीवन औ संपत्ति की करता देखभाल,
विदेशी दौरा भी करने जाता है तटरक्षक।

 

गर्व है ऐसे जांबाजों की शौर्य औ वीरता पे,
जीवन सुखी, सुरक्षित बनाते हैं तटरक्षक।
अनंत शुभकामनाएँ देते हैं स्थापना दिवस पे,
हमारी आन- बान और शान हैं तटरक्षक।

 

 

रामकेश एम यादव (कवि, साहित्यकार)
( मुंबई )
यह भी पढ़ें:-

आशिक़ी | Poem on Aashiqui

Similar Posts

  • शाम के बाद | Shaam ke Baad

    शाम के बाद ( Shaam ke Baad )   हर शाम के बाद फकत अंधेरा ही नहीं होता पूनम का उजाला और प्रभात का भोर भी होता है आप बस सफर तय करते रहिए ठहर जाने पर दूरी तय नहीं होती भटक कर भी राह मिल ही जाती है लोग मिल ही जाते हैं मुकाम…

  • होली त्यौहार | Holi par Kavita in Hindi

    होली ( Holi )   होली में केवल रंग है अब प्रेम न उमंग है   !! नशा है न मस्ती रंगो से खाली बस्ती बस पसरा है सन्नाटा कहीं न हुड़दंग है …….   होली में केवल…….     बजता नहीं अब गाना मौसम नहीं फगुआना बुढ़वा में नहीं हलचल    बच्चों में न तरंग…

  • वो बचपन की यादें | Bachpan par kavita

    वो बचपन की यादें ( Wo bachpan ki yaddein )     याद है मुझे आज भी बचपन की वो अठखेलियाँ बारिश के पानी नाचते कूदते भीगना संग साथियाँ   सबका साथ साथ रहना खाना पीना सोना बैठना दादा दादी नाना नानी से सुनते हुए हम कहानियाँ   भाई बहनों और दोस्तों के साथ मौज…

  • संविधान दिवस | Samvidhan Divas par Kavita

    संविधान दिवस ( Samvidhan divas )  ( 2 )   प्रेरणा पुंज आभा में, हिंद धरा अभिजागर यथार्थ स्वतंत्रता परम प्रहरी, हर नागरिक हित रक्षक । शासन प्रशासन उत्तम सेवा, अंकुश राष्ट्र संसाधन भक्षक । लिखित प्रथम वैश्विक पटल, सांविधिक समाहर्ता महासागर । प्रेरणा पुंज आभा में, हिंद धरा अभिजागर ।। अनूप प्रयास अंबेडकर, सर्व…

  • पौधा संरक्षण है जरूरी

    पौधा संरक्षण है जरूरी ****** आओ मिलकर ठान लें पौधों की न जान लें महत्त्व उसकी पहचान लें अपना साथी मान लें वायु प्राण का है दाता फल फूल बीज दे जाता जीवन भर प्राणी उसे है खाता आश्रय भी है पाता फिर भी उसकी रक्षा करने से है कतराता जिस दिन नष्ट हो जाएगा…

  • हसरत | Kavita Hasrat

    हसरत ( Hasrat ) मेरे दिल की किसी धड़कन में तेरी याद रहती है। कहीं जिंदा हैं वो लम्हे जिन्हें पल पल ये कहती है। चले आओ जरा बैठें हम उसी घाट पे चलके ! जहां की लहरों में अब भी तेरी तसवीर रहती है ।। के मुझको तो गिला कोई नहीं तेरी रुसवाई का…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *