टिकने नहीं देते चोटी पर | Tikne Nahi Dete

टिकने नहीं देते चोटी पर

( Tikne nahi dete choti par ) 

 

मेहनत लगन हौसला ही प्रगति का आधार मिला।
बुलंदियों का आसमां हसीं उन्नति का सिलसिला।

काबिलियत हूनर हारे सवाल खड़ा हो रोटी पर।
घात लगाए बैठे लोग टिकने नहीं देते चोटी पर।

शब्दों का जादू चल जाए कीर्ति पताका जग लहराए।
कलमकार वाणी साधक लेखनी ले ज्योत जलाए।

जो धन के प्यासे बैठे नजर गड़ाए रकम मोती पर।
शब्द सुधारस भरे समंदर टिकने नहीं देते चोटी पर।

जो मन के सीधे सच्चे हैं जो मनमौजी मतवाले हैं।
मुस्कानों के मोती बांटे जो सद्भाव भरे दीवाने हैं।

त्याग समर्पण की मूरत ध्यान न देते बात छोटी पर।
अदम्य साहसी वीरों को टिकने नहीं देते चोटी पर।

 

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

खुद से पहले देश की सोचो | Desh Prem par Kavita

Similar Posts

  • दिल की आवाज | Poem dil ki awaz

    दिल की आवाज ( Dil ki awaz )    मेरा दिल मुझे ही बार-बार आवाज दे खुद को तुम खुद के ही उमंग से नवाज ले। कल के कई है आईनें, आज का रख तु मायने। डर से भरी ज़िन्दगी निडर बन के तु निकल तेरे जैसे बदन बहुत । लेकिन अलग अंदाज दे खुद…

  • नव ऊर्जा का उत्सव

    नव ऊर्जा का उत्सव युवाओं का यह दिन अनमोल,बनाता है हर सपने को गोल।जोश, जुनून, और हौसलों का संग,युवाओं के दम पर बढ़ता ये रंग। देश की ताकत, नई उमंग,युवाओं में दिखता हर तरंग।ज्ञान की गंगा, साहस की धारा,युवा ही तो हैं भारत का सहारा। स्वामी विवेकानंद के शब्दों का असर,युवाओं में जलता है प्रेरणा…

  • सुनो दिकु | Kavita Suno Diku

    कभी ना कभी कभी ना कभी तो लौटोगी तुम,इन सूनी राहों पर चलती हुई,जहाँ हर मोड़ पे तेरा नाम लिखा हुआ है,आवाज़ है मेरी खामोशी में पलती हुई। कभी ना कभी तो समझोगी तुम,इन अधूरे अल्फ़ाज़ों की पीर,जो हर रोज़ तुझसे मिलने को,तकिये के नीचे सोता हैं चुपचाप रखकर अपना सिर। कभी ना कभी तो…

  • पढ़ें लिखे मुख्यमंत्री का फायदा

    पढ़ें लिखे मुख्यमंत्री का फायदा ******** जनता का देश का है फायदा ही फायदा जो पुल सड़क निर्माण में करोड़ों है बचाया वादा जो किया निभाया आम आदमी में एक उम्मीद जगाया बेटा बन बुजुर्गो का रखा ख्याल पहुंचाया घर राशन हर हाल जो कहे सो करे! जनता के लिए सड़क पर भी आ लड़े…

  • गौरी विनायकम | Aarti Gauri Vinayakam

    गौरी विनायकम ( Gauri Vinayakam )   एकदंत दयावंत लंबोदर गौरी विनायकम कृपा दृष्टि कीजिए l सुखकर्ता दुखहर्ता विघ्नहर्ता कष्टों को दूर कर ज्ञान हमको दीजिए l वक्रतुंड महाकाय शंभू सुत पूज्य प्रथम आप तो सवार काज दीजिए l जय देव मंगल मूर्ति गणेश दुष्टों का दलन कर विघ्न हर लीजिए l रिद्धि सिद्धि भालचंद्र…

  • बदल रहा है जीवन का ही सार

    बदल रहा है जीवन का ही सार कहने को तो बदल रहा है,जीवन का ही सार। यूं तो शिक्षा के पंखों से,भरकर नयी उड़ान।बना रही हैं आज बेटियां,एक अलग पहचान।फिर भी सहने पड़ते उनको,अनगिन अत्याचार।कहने को तो बदल रहा है,जीवन का ही सार। तोड़ बेड़ियां पिछड़ेपन की,बढ़ने को हैं आतुर।इधर-उधर मन के भीतर पर,बैठा है…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *