सुनामी | Tsunami

सुनामी

( Tsunami ) 

 

किसी दिन विशेष पर
आ जाती है सुनामी शुभ कामनाओं की
उस दिन के गुजरते ही
मर जाती हैं भावनाएं सारी कामनाओं की
रह जाता है शेष शून्य रोज की तरह

जल जाते हैं दीए हजारों हर चौखट पर
बस जल नही पाता दीप एक
हृदय मे प्रेम और मानवता का
दिखावेपन की होडबाजी मे
भुला देते हैं लोग स्वयं के ही सत्य को

बदलाव लाने की चाहत सभी मे है
स्वयं के बदलाव को प्रतीक्षा मे रखते हैं
बातें भर ही होती हैं आदर्शता की
मलीनता अपने ही दिल मे रखते हैं

आज नही कल मे गुजर जाती है उम्र सारी
न कल कभी आता है
न आज की शुरुआत होती है
उभरती पीढियां बढ़ती हैं यही सीखते हुए
कल का निर्माण भी आज ही तो होता है

 

मोहन तिवारी

( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

https://thesahitya.com/tumhari-tarah/

 

Similar Posts

  • नई उमंगें सज रहीं | Nayi Umange

    नई उमंगें सज रहीं ( Nayi Umange saz rahi  )   नई उमंगें सज रहीं,बाईस जनवरी अभिनंदन में पुनीत पावन जन चितवन, सर्वत्र शुभता सरित प्रवाह । अयोध्या पूजित दिव्य अक्षत, रामलला निमंत्रण गवाह । विग्रह स्थापना अनूप दर्शन, घर द्वार उत्सविक वंदन में । नई उमंगें सज रहीं,बाईस जनवरी अभिनंदन में ।। अंतःकरण रचित…

  • रिश्ते | Rishtey par kavita

    रिश्ते ( Rishtey )    खामोशियों से रुकसत हो जाते हैं हर रिश्ते, अगर चुपचाप रहोगे गूंगे हो जाते है हर रिश्ते। कभी कभी बेमतलब ही बात कर लिया करो, बने रहेंगे हमेशा सदा तुम्हारे अपने हर रिश्ते।।   बनाने से बन जाते हैं इस दुनिया में रिश्ते, बिगाड़ने से बिगड़ जाते हैं दुनिया में…

  • हवा का झोंका | Hawa ka jhonka

    हवा का झोंका ( Hawa ka jhonka )   मधुर मधुर बहती पुरवाई मधुर हवा का झोंका आंगन में बहारें आई आया मनमीत अनोखा   खिल उठा मधुबन सारा महक गई वादियां सभी खुशबू फैली मोहक बन चहक गई कलियां तभी   उनके आ जाने से आया मस्त हवा का झोंका बहारों को मिल गया…

  • ये प्यारे प्यारे बच्चे | pyare bache

    ये प्यारे प्यारे बच्चे ये तोतली बोल के बच्चे, मन के अनमोल बच्चे, नवतन के प्यारे बच्चे , सुन्दर सलोने बच्चे, कारेनयन के तारे बच्चे, नियति के सच्चे बच्चे, स्वराष्ट्र के रतन बच्चे, पितृ- मातृ के अच्छे बच्चे, इनका खिला चेहरा देख के, शर्मा जाते हैं फूल देखो  ये प्यारे- प्यारे बच्चे जाते हैं स्कूल…

  • लगाम नहीं है | Lagam Nahin hai

    लगाम नहीं है! ( Lagam nahin hai )    है वो वनवास में लेकिन राम नहीं है, बांसुरी बजाता है लेकिन श्याम नहीं है। किराये के मकान में हम रहते हैं सभी, पर आज की हवाओं में पैगाम नहीं है। इंसानों के जंगल में बसंत नहीं आता, क्योंकि वन की कटाई पे लगाम नहीं है।…

  • श्याम रंग में | Hindi Poetry

    श्याम रंग में ( Shyaam rang me )   मोरी रंग दे ओ रंगरेज चुनरिया श्याम रंग में। मेरी वाणी को अविराम सुनो मोहन के रंग में। जिसके रंग में राधा रंग गई, लोक लाज को भी जो तंज गई। ऐसा ही रंग डाल चुनरिया श्याम रंग में…   मोरी रंग दे ओ रंगरेज चुनरिया…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *