Tum mat Rona Priya

तुम मत रोना प्रिय | Tum mat Rona Priya

तुम मत रोना प्रिय

( Tum mat rona priya )

 

तुम मत रोना प्रिय मेरे, यह तेरा काम नही है।
जिस संग मन ये लागा, मेरा घनश्याम वही है।।

 

जो राधा का है मोहन, मीरा का नटवर नागर।
वो प्रेम रसिक इस जग का, मन मेरा छलकत गागर।।

 

वो एक पुरूष सृष्टि का, बाकि तन मन सब नारी।
वो परम पिता परमेश्वर, सम्पूर्ण सत्य निर्विकारी।।

 

तन पे मन का अधिकार रहे, चैतन्य हृदय उपकारी।
हुंकार प्रीत का दर्पण है, श्रीनाथ सर्व हितकारी।।

 

कवि :  शेर सिंह हुंकार

देवरिया ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें : –

कुछ शब्द शेर के | Sher ke kuch shabd

Similar Posts

  • Kavita | अपना बचपन

    अपना बचपन ( Apna Bachpan )   बेटी का मुख देख सजल लोचन हो आए, रंग बिरंगा बचपन नयनों में तिर जाए । भोर सुहानी मां की डांट से आंखे मलती, शाम सुहानी पिता के स्नेह से है ढलती। सोते जागते नयनों में स्वप्निल सपने थे, भाई बहन दादा दादी संग सब अपने थे। फ्राक…

  • मैं माटी का दीपक हूँ

    मैं माटी का दीपक हूँ जन्म हो या हो मरणयुद्धभूमि में हो कोई आक्रमणसरण के अग्निकुण्ड का हो समर्पणया पवित्र गंगा मे हो अस्थियों का विसर्जनमैं जलाया जाता हूँमाटी का दीपक हूँ ….अंत में इसी रजकण मे मिल जाता हूँमैं माटी का दीपक हूँमाना की नहीं हैसूर्य किरणों सी आभा मुझमेचंद्र सी नहीं है प्रभाअसंख्य…

  • लम्बोदर | पंचाक्षरी पंचपदी

    लम्बोदर 1 पर्व मनाता सभ्यता पूजा करता नैतिकता हमें लक्ष्य है श्रीनिवास! 2 जल्दी उठता स्नान करता व्रत रखता पुण्य मिलता ये आचार हैं श्रीनिवास! 3 गणेश पूजा मनाता प्रजा फूलों से सजा भक्तों की मजा लोगों की रीति श्रीनिवास! 4 लम्बोदर खूब सुंदर उसे आकार अलंकार गणेश रूप है श्रीनिवास! 5 लड्डू बनता नैवेध्य…

  • Hindi Ghazal -मालिक का दरबार

    मालिक का दरबार ( Malik Ka Darbar )   यह सारी दुनिया ही उस मालिक का दरबार हो जाए, अगर आदमी को आदमी से सच्चा प्यार हो जाए ।   जाति-मज़हब के नाम पर और लड़ाइयाँ ना होंगी, अगर इंसानियत ही सबसे बड़ा व्यापार हो जाए ।   हरेक कामगार को मयस्सर हो उनके हक़ की रोटी, अगर मालिक-मज़दूर…

  • वो बचपन की यादें | Bachpan par kavita

    वो बचपन की यादें ( Wo bachpan ki yaddein )     याद है मुझे आज भी बचपन की वो अठखेलियाँ बारिश के पानी नाचते कूदते भीगना संग साथियाँ   सबका साथ साथ रहना खाना पीना सोना बैठना दादा दादी नाना नानी से सुनते हुए हम कहानियाँ   भाई बहनों और दोस्तों के साथ मौज…

  • मीराबाई | Meerabai par kavita

    मीराबाई ( Meerabai )   कृष्ण भक्ति में मीरा नाची लेकर हाथों में इकतारा। मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया गिरधर लगता प्यारा। विष का प्याला राणा भेजा अमृत रस बन आया। सुंदर पुष्प माला सज गई विषधर जब भिजवाया। भक्ति में शक्ति भारी पावन मेवाड़ धरा हो गई सारी। मीरा माधव प्रेम पुजारी तान मुरलिया वो…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *