उसकी कोई कहानी नहीं
उसकी कोई कहानी नहीं

उसकी कोई कहानी नहीं

 

प्यार का ओ जिन आंखों में पानी नहीं

प्यार की उसकी कोई कहानी नहीं

 

है फ़रेबी निगाहों में धोखा उसकी

प्यार की उससे आंखें मिलानी नहीं

 

गांव से वो गया बिन मिलें है मुझे

दें गया प्यार की वो निशानी नहीं

 

हँसता है मेरे  जज्बात पे वो मगर

बातें कोई दिल की अब सुनानी नहीं

 

इसलिए हो गया है वो मेरे ख़िलाफ़

जान पहचान उससे पुरानी नहीं

 

कर रहा वो बातें तोड़ने की रिश्ता

दोस्ती मुझसे उसको निभानी नहीं

 

आज़म कैसे करेगा मुहब्बत तुझसे

प्यार की उसके दिल में रवानी नहीं

 

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शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

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