वशीकॄत खामोशी | Vashikrit Khamoshi

वशीकॄत खामोशी

( Vashikrit Khamoshi ) 

 

अनिश्चित
अपरिचित
भयावह सी
खामोशी
गहरे छाप छोड़
और हावी होकर
मेरे अन्तर्मन पर
मुझे धकेलने की
कोशिश करती
पश्चाताप और ग्लानि के
निर्जन कुंए में..

अनियंत्रित
अदमित
जुनूनी सी
मोहब्बत
अमानचित्रित और निषेधित करती
खामोशी के चिन्हों को
वशीकरण से
रूह को
तर जाने के लिए
प्रेेम महासागर में..

 

डाॅ. शालिनी यादव

( प्रोफेसर और द्विभाषी कवयित्री )

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