विवाह संस्कार

विवाह संस्कार

विवाह संस्कार

सात फेरे लेकर हम दोनों मिले,
एक दूसरे के साथ जीवन का संगम बनाएं,
और साथ में जीवन की यात्रा पर निकले।

विवाह के बंधन में बंधने से ना डरें,
एक दूसरे के साथ जीवन की यात्रा पर चलने का वचन दें,
और साथ में जीवन की यात्रा पर निकलने का वचन दें।

सात फेरे लेकर हम दोनों एक हो गए,
एक दूसरे के साथ जीवन की यात्रा पर चलने लगे,
और साथ में जीवन की यात्रा पर निकलने लगे।

भागने की कोशिश न करें, विवाह के बंधन में बंधने से ना डरें,
एक दूसरे के साथ जीवन की यात्रा पर चलने का वचन दें,
और साथ में जीवन की यात्रा पर निकलने का वचन दें।

विवाह के बंधन में बंधने से हम दोनों एक हो जाते हैं,
एक दूसरे के साथ जीवन की यात्रा पर चलने का वचन देते हैं,
और साथ में जीवन की यात्रा पर निकलने का वचन देते हैं।

हम दोनों एक दूसरे के साथ खुशहाल जीवन जीने की कामना करते हैं,
एक दूसरे के साथ जीवन की यात्रा पर चलने की कामना करते हैं,
और साथ में जीवन की यात्रा पर निकलने की कामना करते हैं।

विवाह के बंधन में बंधने से हम दोनों एक परिवार बन जाते हैं,
एक दूसरे के साथ जीवन की यात्रा पर चलने का वचन देते हैं,
और साथ में जीवन की यात्रा पर निकलने का वचन देते हैं।

बीएल भूरा भाबरा

जिला अलीराजपुर मध्यप्रदेश

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • मां का दर्द | Maa ka Dard

    मां का दर्द ( Maa ka dard )   संसार में कोई ऐसी दवा नहीं , जो मां का दर्द दूर कर सके। आठों पहर जो स्वयं को भुलाए, दूसरों के दुख की चिंता करती। उसकी भूख खत्म सी हो गई, बच्चों को पीड़ा से कराहते देख। मातृत्व के समान इस जग में, कोई और…

  • Kavita अनमोल धरोहर

    अनमोल धरोहर ( Anmol Dharohar )   बेटी हैं अनमोल धरोहर, संस्कृति और समाज की। यदि सभ्यता सुरक्षित रखनी, सींचो मिल सब प्यार से ।।   मां के पेट से बन न आई, नारी दुश्मन नारी की । घर समाज से सीखा उसने, शिक्षा ली दुश्वारी से।।   इच्छाओं को मन में अपने, एक एक…

  • रैग पिकर और फैशनपुतला | Kavita Ragpicker

    रैग पिकर और फैशनपुतला पहने हो अति सुंदर कपड़े, पुतले बन कर खड़े हुए । फैशन की इस चकाचौंध में, भरमाने पर अड़े हुए ।। मैंने कचरे से बीना है, बोरा परिधान देख लो । मैं नंगा भी तुमसे सुंदर, ध्यान लगा मुझे देख लो।। तुम में मुझमें फर्क यही तुम, प्राणहीन मैं जीवित नर…

  • धुंआ | Dhuaan

    धुंआ ( Dhuaan )   धुंये के कितने रंग…|| 1.उठता है ऊपर आसमान, छूने का जनून होता है | उसे देखकर लोगों मे, हलचल सा शुरूर होता है | भीड जमा होती है, जाने कितने सबाल होते हैं | धुंआ कहाँ से उठा है, पता कर के निहाल होते हैं | धुंये के कितने रंग…||…

  • न्याय

    न्याय ** गरीब मजलूमों को अब न्याय नहीं मिलता! मिलतीं हैं सिर्फ धमकियां! मुकदमा वापस ले लो.. वरना ? तो क्या करें? रो रहे हैं सिसक रहे हैं बहा रहे हैं आंसू बंद कर घर की दरवाजे खिड़कियां। सुना है ! कचहरियों में भी अब न्याय नहीं मिलता रंगीन कागजों के बदले में है बिकता!…

  • गूंज उठी रणभेरी | Gunj uthi Ranbheri

    गूंज उठी रणभेरी ( Gunj uthi ranbheri )    गूंज उठी रणभेरी, अंतर्मन विजय ज्योत जला आन बान शान रक्षा, दृढ़ प्रण दृष्टि श्रृंगार । शक्ति भक्ति धार धर, हिय भर सूरता आगार। अजेय पथ गमन कर, सर्वत्र बैठी घात लगा बला । गूंज उठी रणभेरी, अंतर्मन विजय ज्योत जला ।। स्मरण कर स्वप्न माला,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *