नेहरू जी बताएंगे
नेहरू जी बताएंगे

नेहरू जी बताएंगे ! ( व्यंग्य )

( Nehru Ji Batayenge )

 

वादे के मुताबिक ही हम काम कर रहे हैं,
क्यों बेकार में फरियाद कर रहे हैं।
सबको मिलेगी जगह शमशान में,
क्यों इतना हैरान हो रहे हैं।
आपने जो चाहा था,उसी पर काम कर रहे हैं,
अयोध्या में बन रहा है, वाराणसी में हुई है सुनवाई,
निकाल मिट्टी खोदेगी एएसआई।
ऐसा नहीं है कि हम आराम कर रहे हैं।
हिन्दू मुस्लिम हिंदू मुस्लिम सुबह से शाम कर रहे हैं,
नफ़रत के बीज बो रहे हैं लगातार,
फिर अब और हमसे क्या चाहते हो यार।
राज्यों के चुनाव जीत ही रहे हैं,
जहां कुछ पड़े, खरीद ही रहे हैं।
कोरोना वेंटिलेटर अस्पताल दवाई पढ़ाई पर काम हो रहा है,
बस प्राकृति पर किसका चला है।
उसके लिए हम दोषी नहीं
नेहरू जी हुए,
आखिर ६० साल में अस्पताल इतने कम क्यूं बने?
सीबीआई लगा दूं क्या?
रह भारत की जनता से साजिश नहीं है, और है क्या?
जा तू हो दफा
अनर्गल सवाल पूछता है रहता!

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नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

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