Mahadaan kavita

महादान | Mahadaan kavita

महादान

( Mahadaan )

 

शैनेः  शैनेः  बढो  सनातन,  हिन्दू अपने शान मे।
सवा रूपईया दान करो तुम,मन्दिर के निर्माण में।

 

इक पत्थर ही लगवा देना,रामलला के धाम में।
जैसे इक नन्ही सी गिलहरी,राम सेतु निर्माण मे।

 

देने वाले ईश्वर है तो, भक्ति भाव गर्वित कर लो।
जन्म सुधर जाएगा तेरा,जीवन की अर्पित कर दो।

 

क्या लेकर के आया है और,क्या लेकर के जाएगा।
पुण्य रहेगा साथ सदा कि,राम का घर बनवाया है।

 

जिसके नव निर्माण का सपना,हिन्दू मन मे दबा रहा।
बलिदानों की अमिट श्रृंखला,सरयू तट पर जमा रहा।

 

गर्व करो इस काल खण्ड का,जिसमे तूने जन्म लिया।
हूंक  नही  हुंकार भरो, श्रीराम को तूने भवन दिया।

 

कमी  नही  होगी  तुमको  जो, मन से तुमने दान दिया।
युगों युगों तक पुण्य अमिट जो,मन्दिर का निर्माण किया।

 

✍?

कवि :  शेर सिंह हुंकार

देवरिया ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें : –

एक ऐसी मोहब्बत | Ek aisi mohabbat | Poem in Hindi

Similar Posts

  • पैंजनिया | Paijaniya par Kavita

    पैंजनिया ( Paijaniya )    छम छम बाजे पांव में घुंघरू रुनक झुनक पैजनिया। नाच रहे हैं मदन मुरारी मधुबन गूंजे प्यारी मुरलिया। नटखट कान्हा झूम झूम के पैजनिया खनकाता है। सारी दुनिया हुई कृष्ण दीवानी प्रेम रंग बरसाता है। बाल लीलाएं बालकृष्ण की मनमोहक चितचोर है। सारे जग का पालन हारा सांवरिया माखन चोर…

  • पर्यटन | Paryatan

    पर्यटन! ( Paryatan )    नई दुनिया की सैर कराता है पर्यटन, दिल पे लदे बोझ को हटाता है पर्यटन। प्रकृति साैंप देती है वह अपना रंग-रूप, सैर-सपाटे से हाथ मिलाता है पर्यटन। घूमना-फिरना है जीवन का एक हिस्सा, वादियों से भी आँख लड़ाता है पर्यटन। भूल-भुलैया में खोते हैं जाकर कितने, उच्च- शिखरों पर…

  • मेरे हमसफर | Mere Humsafar

    मेरे हमसफर ( Mere humsafar )   पुष्पक्रम से भरी पगडंडी जो कि– रंगीन फुलवारी से सजी जिसकी भीनी-भीनी महक पूरे वातायन में हवा में तैरती है। वहीं उन पर अनगिनत तितलियाँ मंडराती हुई अहसास कराती तुम्हारे अपने होने का। जहाँ तक देखती हूँ उन्हें कैद कर लेना चाहती हूँ इन रंगीन खुशबू को भी…

  • आओ रोएँ

    आओ रोएँ ०जिसको खोया उसे याद कर बिलखें कलपें नयन भिगोएँआओ रोएँ०जो न खो गए उनको भूलेंखुशी दफ़्न कर, मातम वर लेंनंदन वन की जमीं बेचकरझट मसान में बसने घर लेंसुख-सपनों में आग लगाकरदुख-दर्दों के बीजे बोएँआओ रोएँ०पक्ष-विपक्ष नयन बन जाएँभूले से मत हाथ बँटाएँसाथ न चलकर टाँग अड़ाएँफूटी आँख न साथी भाएँनहीं चैन से…

  • हौसला मेरा अभी है बुलंद

    हौसला मेरा अभी है बुलंद मंजिल को पाना मेरी है पसंदहौसला मेरा अभी है बुलंदमेरा हौसला ही है मेरी मंजिलदुश्मन भी मेरा मुझे क्या मात देमेरे साथ है ईश्वर सदा मेरा साथ देरब साथ है परेशान मेरा क़ातिलभुजाओं में मेरी अब भी जोश हैअभी खोया नहीं मुझे होश हैरखुगां सदा अपना होश राह जटिलसत्य की…

  • मन का महफ़िल | Man ka Mehfil

    मन का महफ़िल  ( Man ka mehfil )    महफिल के वे शब्द “तुम मेरे हो” आज भी याद आते हैं , गीतों के सरगम मन को छू जाते हैं रह-रह कर सताते हैं दिल की धड़कन बढ़ बढ़ जाते हैं वही सजावट बनावट नैनों में छपा चेहरा जिसके लिए मैं देता था पहरा बसती…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *