मैं चुप हूं | Main Chup hoon

मैं चुप हूं

( Main Chup hoon ) 

 

मेरे पास शब्दों की माला है
पास मेरे संस्कारों की थाती है
जानती हूं ,अच्छाई और बुराई के भेद
मेरी कलम ने सिखाया है मुझे
न करें मुझे
बेचारी और बेबस समझने की भूल….

मैं चुप हूं ,तो महज इसलिए की
मेरे संस्कार इसकी गवाही नहीं देते…

पता है मुझे
मेरी अच्छाइयां और बुराइयां भी
तुमसे, न डरी हूं न सहमी हूं
अन्याय को बर्दास्त करने की
फितरत नहीं मेरी
अत्याचार के खिलाफ
आवाज उठाना मेरी आदत मे शामिल है
और…यही मेरी ताकत भी…

 

नौशाबा जिलानी सुरिया
महाराष्ट्र, सिंदी (रे)

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