स्वच्छता है जरूरी

स्वच्छता है जरूरी

स्वच्छता है जरूरी

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रखें ध्यान इसका विशेष,
जन जन को दें यह संदेश।
इसी से आती खुशहाली,
दूर रहे संक्रमण बीमारी।
जो स्वच्छ रहे परिवेश हमारा,
तो स्वस्थ हो जाए जीवन प्यारा;
गांधी जी का यही था नारा।
सुन लो मेरे राज दुलारे,
कह गए हैं बापू प्यारे।
इधर उधर न कूड़ा डालो,
बात प्रधानमंत्री जी की मानो।
जगह जगह रखा है डस्टबीन,
सफाई होती उसकी नित्य दिन।
हरा नीला डब्बा है दो,
सूखा कचरा नीले में, गीला हरे में डालो।
निगम करता निपटान उचित,
गीले से बनाता खाद जैविक।
उचित मूल्य पर बिक्री करता,
लाभ होने पर सेवाएं बढ़ाता।
प्रतिफल हम सब को है मिलता,
जल्दी कोई बीमार नहीं पड़ता।
स्वच्छता के आगे जीवाणु न पनपता,
मक्खी मच्छर पास न भटकता;
शहर भी सुंदर हरा भरा दिखता।
इस नेक काम में बनें सहयोगी,
बार बार अपील कर रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी।

 

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नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

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