हाँ! मैं आसमान से बात करती हूँ मैं वो लड़की हूँ —जो अक्सर रात की चुप्पियों मेंखुद से सवाल करती है:क्या मेरा होना बस एक समझौता है?या कोई पुकार है —जो इस सदी के शोर में गुम हो गई? मेरी हथेलियाँ खाली नहीं हैं,इन पर बिखरे हैं अधूरे ख्वाब,जो रोज़ सिले जाते हैंघर की चौखटों…
इक भॅवरा ( Ik Bhanwara ) इक भॅवरा है मस्त मिलोगे करता है गुन्जार मिलोगे कहता है वो कली से जाकर क्या मुझको स्वीकार करोगे कली खिली और खुलकर बोली कहो मेरी हर बात सुनोगे छोड़ के मुझको किसी कली से तुम नजरें न चार करोगे बोलो मुझको प्यार करोगे भंवरा बिन सकुचाते बोला मानूगा…
दबी दबी सी आह है ( Dabi Dabi Si Aah Hai ) कही मगर सुनी नही, सुनी थी पर दिखी नही। दबी दबी सी आह थी, जगी थी जो बुझी नही। बताया था उसे मगर, वो सुन के अनसुनी रही, वो चाहतों का दौर था, जो प्यास थी बुझी नही। मचलते मन…
दुपहरिया ( Dupaharia ) तमतमाती चमक लपलपाती लपक लू की गर्म हवाएं बहती दायें बायें छांव भी गर्म पांव भी नर्म जल उठते थे नंगे जब चलते थे। दुपहरिया को क्या पता? गरीबी है एक खता? मेहनत ही उसकी सजा उसके लिए क्या जीवन क्या मजा पेट के लिए वो तो हमेशा ही जलते…
भुजंग हुआ बदनाम व्यर्थ ही ( Bhujang hua badnam vyarth hi ) भुजंग हुआ बदनाम व्यर्थ ही अजगर पाले बैठे हैं। जहर उगल रहा है आदमी घट नाग काले बैठे हैं। छल छद्मो की भाषा बोले नैन आग बरसते अंगारे। वाणी के छोड़े तीर विषैले मन ईर्ष्या द्वेष भरे सारे। सर्पों का सारा विष…