ए ज़िन्दगी! | Aye Zindagi
ए ज़िन्दगी!
( Aye Zindagi )
उसे
चुन
लिया
जिसे
चाहा
नहीं
था
कभी…..
मुझे
मुआफ़
कर
ए ज़िन्दगी!

डॉ जसप्रीत कौर फ़लक
( लुधियाना )

( Aye Zindagi )
उसे
चुन
लिया
जिसे
चाहा
नहीं
था
कभी…..
मुझे
मुआफ़
कर
ए ज़िन्दगी!

डॉ जसप्रीत कौर फ़लक
( लुधियाना )

मेरा जिगर तिरंगा ! ( Mera jigar tiranga ) मेरा अमर तिरंगा है, मेरा जिगर तिरंगा है। रग – रग में यही बसता, ऐसा ये तिरंगा है। मेरी आन तिरंगा है, मेरी शान तिरंगा है, कोई दुश्मन देखे इसे, दहलाता तिरंगा है। तेरा भी तिरंगा है, मेरा भी तिरंगा है, तू नजर उठा के देख,…

दीवाली मन गई ( Diwali man gai ) दीपो की बारात आई तुमको अपने साथ लाई । खुशियों की सौगात पाई अब दीवाली मन गई । मेरी दीवाली मन गई । सुर बिना हो साज जैसे वैसे मै जीती रही । काम न था काज कुछ बन बांवरी फिरती रही । नाम जब तुमने…

श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा विशेष महलों में रहने वाला वन में रहा, बीते बरसो तक जंगलों में गुमनाम रहा, खत्म हुई इंतजार की घड़ियां, आज घर घर बस एक ही नाम गूंज रहा, हर मां आज कौशल्या बनी, हर भाई आज भरत सा राह तक रहा, जगमग सारा आज जग हुआ, हर शहर आज अयोध्या…

मां-बाप बेवजह बदनाम होते है ( Maa-baap bewajah badnaam hote hai ) शिक्षा संस्कार देते हमें अंगुली पकड़ सीखलाते हैं। लाड प्यार से पालन करते वो प्रेम सुधा बरसाते हैं। उन्नति मार्ग सदा दिखलाते बीज संस्कारी बोते हैं। भली सीख देते मां-बाप बेवजह बदनाम होते हैं। संघर्षों से खुद भीड़ जाते शीतल…

शांति, संतोष और आनंद **** संतोष भी मेरे पास ही रहता था। जब मैं ! खेतों में जाता या फिर भैंसों को चराता। दोपहर को छाछ के साथ गंठा रोटी खाता था। ***** आनंद तो मुझसे दूर ही नहीं था कभी। कभी नदिया पे नहाने में ! कभी कभार के शादी ब्याह के खाने…

चेतावनी गीत सही चिकित्सा करनी होगी ,बहसी और दरिन्दों की ।शीघ्र व्यवस्था करनी होगी ,बस, फांसी के फन्दों की ॥ अभी अधखिली कली ,फूल बनने की थी तैयारी में ।अपनी खुशबू से गुलशन को ,महकाने की बारी में ।किन्तु खिलने से पहले ही ,बेरहमी से मसल दिया ।बनना था उसको प्रसून ,पर कैसे रूप में…

Dr. Jaspreet Kaur “Falak” ji ka ‘ Andaaj e bayan ‘ sabse juda sa hai.Dil ki gehrai se unhone lafjon ko chua toh hai.
Navin Sharma ‘tanha’. Ludhiana.