बता गये आँसू
हाले – दिल सब बता गये आँसू
जब भी आँखों में आ गये आँसू
जब्ते- ग़म करना भी नहीं आसां
अपनी फ़ितरत जता गये आँसू
दूर तक कैसे चलते खारों पर
हौसला सब डिगा गये आँसू
हमसफ़र जब गले से लग रोये
इक ख़ुशी सी जगा गये आँसू
कौन अपना है या पराया है
दुनियादारी सिखा गये आँसू
ख़त लिखा होगा किस तरह उसने
सारा मंज़र दिखा गये आँसू
इनका अहसानमंद हूँ साग़र
बात बिगड़ी बना गये आँसू

कवि व शायर: विनय साग़र जायसवाल बरेली
846, शाहबाद, गोंदनी चौक
बरेली 243003
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