क्या कहूँ

क्या कहूँ | Kya Kahoon

क्या कहूँ

क्या कहूँ दिल ने मुझे उल्फ़त में पागल कर दिया
थोड़ा में पहले से था उसने मुकम्मल कर दिया

अपनी आँखों का सनम तूने तो काजल कर दिया
आँख से छूकर बदन को तूने संदल कर दिया

शह्र में चर्चे बड़े मैला ये आँचल कर दिया
क्या कहें दिल रूह को भी मेरी घायल कर दिया

खोट नीयत में थी वो देता रहा धोखा मुझे
लम्हा-लम्हा ख़ुद को आँखों से ही ओझल कर दिया

ज़ीस्त में ख़ुशियों की मेरे यूँ रवानी आ गई
मसअले को भी ख़ुदा ने मेरे ख़ुद हल कर दिया

मैं तो दरिया थी मुझे मिलना था सागर से मगर
रोक कर मेरी रवानी तूने बेकल कर दिया

ढूँढती आँखें मेरी तुझको हमेशा ही सनम
इस मुहब्बत में तो यूँ क़ुर्बान हर पल कर दिया

Meena Bhatta

कवियत्री: मीना भट्ट सि‌द्धार्थ

( जबलपुर )

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • परी आसमान की | Pari Aasman ki

    परी आसमान की ( Pari aasman ki )    जब बात चल रही थी वहाँ आन-बान की लोगों ने दी मिसाल मेरे खानदान की मैं हूँ ज़मीन का वो परी आसमान की कैसे मिटेगी दूरी भला दर्मियान की देखूं मैं उसके नखरे या माँ बाप की तरफ़ सर पर खड़ी हुई है बला इम्तिहान की…

  • दिल तो दिल है | Dil to Dil Hai

    दिल तो दिल है ( Dil to Dil Hai )   चुभा हुआ है जो काँटा निकल भी सकता है ये दर्दनाक सा मंज़र बदल भी सकता है निज़ाम और भी चौकस बना दिया जाये तो हादसा कोई होने से टल भी सकता है इशारा देखिए हाकिम के आप लहजे का वो सारी भीड़ को…

  • कभी तो देख | Kabhi to Dekh

    कभी तो देख ( Kabhi to Dekh ) नकाब जब हटे ज़रा नज़र झुकी-झुकी मिलेकभी तो देख इक नज़र के लुत्फ़-ए-मयकशी मिले सितारे चाँद चाहिए न चाँदनी भी अब हमेंफ़क़त है इश्क़ की ही ख़्वाहिशें ये बंदगी मिले सितम हज़ार करते हैं दिलों जाँ पे सभी यहाँजिसे बता दूँ दास्ताँ कोई तो आदमी मिले नज़र…

  • कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखो

    कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखो कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखोफ़क़त मुझ को भी अपना मान कर देखो विरासत में नहीं मिलते ख़ुशी के पलये काँटों से भरा मेरा सफ़र देखो लक़ब मुझ को मिले जो अब तलक सारेमिरी माँ की दुआ का है असर देखो अगर जो प्यार में…

  • आप की याद | Ghazal Aap ki Yaad

    आप की याद ( Aap ki Yaad ) शादमानी का एक लशकर है। आप की याद सब से बेहतर है। दिल ही मिट जाएगा मिटाएं तो। आप का नाम दिल के अन्दर है। किसकी किससे मिसाल दें बोलो। एक से एक जग में बरतर है। मोह लेता है आन में दिल को। आप का ह़ुस्न…

  • एक सखी नेक सखी चाहिये

    एक सखी नेक सखी चाहिये एक सखी नेक सखी चाहियेव्यस्त व मदमस्त सखी चाहिये पेश सदा प्रेम से आये तथाकर्म से आदर्श सखी चाहिये सर्व गुणों से न हो संपन्न परमन से जो हो श्रेष्ठ सखी चाहिये फल से पेड़ सी समृद्ध औ’नम्र व प्रेमाळ सखी चाहिये धीर व गंभीर चरित्रवान औ’शांत व गुणवान सखी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *