76 वां गणतंत्र दिवस

76 वां गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनायें –
गणतंत्र दिवस के पर्व पर हम प्रभु में रत हों जायें ।
समय के चक्र को समझ सत्संगत में रम जायें ।
नैतिक जीवन को जीकर समता रस को पी लें ।
मानव का तारणहारा धर्म का जीवन जी लें ।
धर्म के सोपान से अपने जीवन का बाग खिलेगा ।
धर्म से आत्मा के भव कम हो मोक्ष को पायेगा ।
मानव जीवन का हीरा पाकर हमारा सौभाग्य जगा हैं ।
क्यों जीवन को व्यर्थ कर इसको गवाने का चिन्तन लाना हैं ।
माया में फंसते जाते पल – भर भी शांति न पाते ।
कर्मों के खेल में जग के नाते में कुछ नहीं पाते ।
अनमोल जीवन के रत्न को पाप में क्यों गमायें ।
असंख्य योनियों से निकलने की राह पायें ।
जितना ज्यादा सम्भव हों धार्मिक जीवन है जीना ।
धर्म में रत रहकर मनुष्य जीवन हैं जीना ।
धर्म हैं संजीवनी बूटी हैं यह अनमोल अमृत की घुंटि ।
मोक्ष को पाकर जन्म – मरण की श्रंखला सबकी छूटी ।
गणतंत्र दिवस के पर्व पर हम प्रभु में रत हों जायें ।
समय के चक्र को समझ सत्संगत में रम जायें ।
गणतंत्र दिवस के पर्व पर हम प्रभु में रत हों जायें ।

प्रदीप छाजेड़
( बोरावड़)

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