Bharat Pyara

भारत कहलाता है

भारत कहलाता है

धर्म-जात का भेद भुलाके , नागरिक हाथ मिलाता है,

मुस्लिम-हिन्दू-सिख-इसाई का कोई नहीं कहलाता है ।

सभी जन को सिर्फ भारतवादी कहा जाता है,

ऐसा किस्सा जनाब सिर्फ मेरे भारत में देखा जाता है।

जहां अत्यंत हुबियाली से गणतंत्रता-स्वतंत्रता को मनाया जाता है,

21 तोपों की सलामी देकर भारतीय तिरंगा लहराया जाता है।

गणतंत्रता के इस दिन को उत्सव के रूप में मनाया जाता है,

विद्यालय-कार्यालयों में राष्ट्रीय कार्यक्रमों का आयोजन कराया जाता है।

कहीं परेडों की धूम तो कहीं देशभक्ति गीतों की धुन को पाया जाता हैं,

ये भारत है जनाब यहां एकता का त्योहार हमेंशा मनाया जाता है।

अथर्व कुमार

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • मधुर अहसास | Madhur Ehsaas

    मधुर अहसास ( Madhur ehsaas )   अलौकिक स्पंदन से,अभिस्वीकृत अर्चनाएं मृदुल मधुर अहसास, विमल उर श्रृंगार । चाहत पर राहत, भाव कूप मन आगार । अपनत्व अनूप संबंध, सादर अर्पित याचनाएं । अलौकिक स्पंदन से,अभिस्वीकृत अर्चनाएं ।। आकलन निज भूल त्रुटि, बेझिझक अब स्वीकार । दृढ़ संकल्प भावी जीवन , अनैतिक कृत्य दुत्कार ।…

  • दस्तूर | Dastoor

    दस्तूर ( Dastoor ) दस्तूर दुनिया का ,निभाना पड़ता है ।अनचाहे ही सही ,सब सह जाना पड़ता है ।सच को ही हमेशा ,हमें छुपाना पड़ता है ।वक्त तो चलता जाता ,हमें रूक जाना पड़ता है ।बिना प्रेम के भी कभी ,रिश्ता निभाना पड़ता है ।आते हैं दुनिया में तो ,जीकर जाना पड़ता है ।जज्बातों को…

  • संवेदना व यथार्थ : ‘अंतर्मन की यात्रा’

    संवेदना व यथार्थ हाँ, ‘दया’ मेरे कवि-हृदय का,एक महान तथा विशेष गुण है |सरलता,धैर्य तथा करुणा का धनी हूँ |‘दया’ मेरा सबसे बड़ा धर्म है |निर्मल मन को,असाधारण रूप से,शांत, स्थिर होना चाहिए |अनमोल जीवन को समझने के लिए |कवि की आवश्यकता से अधिकसम्वेदनशीलता नुकसानदायक है |मानवता, प्रेम, एकता, दया, करुणा,परोपकार, सहानुभूति, सदभावना,तथा उदारता का…

  • चाह | Chaah

    चाह ( Chaah )   ना जरूरत की ना दौलत की ना कुरबत की ना बरकत की ना शोहरत की ना सोहबत की ना मोहलत की ना जहमत की ना खिदमत की ना नेमत की ना सहमत की ना बहुमत की ना हुकूमत की ना हिमाकत की ना नफरत की चाह है तो सिर्फ हमें…

  • छोटी छोटी खुशियां | Choti choti khushiyan chhand

    छोटी छोटी खुशियां ( Choti choti khushiyan )   बालक की मुस्कान भी, धीरे-धीरे तुतलाना। छोटी-छोटी खुशियों से, आंगन महक रहा।   जन्मदिन वर्षगांठ, शादी विवाह घर में। प्यारे प्यारे बोल मीठे, मनवा चहक रहा।   हर्ष खुशी घर आए, सबसे प्रेम जताये। अनमोल मोती प्रेम, मन में बरस रहा।   मेहमानों का आदर, सम्मान…

  • शादी | Shaadi

    “शादी” ( Shaadi )   आजकल कुछ लड़कियों की अजीब मानसिकता हो गई है, मिस्टर परफेक्ट ढूंढने के चक्कर में कुंवारी बैठी रहती है। कोई 22 से 28 साल की उम्र में शादी करती है, कोई और 5 साल जीवन साथी तलाशने में लगाती है। मुश्किल से 12 से 15 साल साथ निभाती है, 38…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *