छुपा कर रक्खें

छुपा कर रक्खें

छुपा कर रक्खें

हो न जाए कहीं रुसवाई छुपा कर रक्खें
इन अमीरों से शनासाई छुपा कर रक्खें

फ़ायदा कुछ नहीं चतुराई छुपा कर रक्खें
मूर्ख के सामने दानाई छुपा कर रक्खें

कौन करता है यक़ीं आपकी इन बातों पर
इसलिए अपनी ये सच्चाई छुपा कर रक्खें

लालची कोई भ्रमर इसको चुरा ले न कहीं
फूल कलियाँ सभी अँगड़ाई छुपा कर रक्खें

सब उड़ाएँगें हँसीं साथ न देगा कोई
दर्द की कुछ नहीं सुनवाई छुपा कर रक्खें

आ न जाना कभी तुम साहिलों के झाँसे में
ये समंदर सदा गहराई छुपा कर रक्खें

ज़ख़्म ही देंगे सभी क्या दवा देंगे मीना
राज़दारों से भी परछाई छुपा कर रक्खें

Meena Bhatta

कवियत्री: मीना भट्ट सि‌द्धार्थ

( जबलपुर )

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • साथ जिनके | Ghazal Saath Jinke

    साथ जिनके ( Saath Jinke ) हाँ वही खुशनसीब होते हैं साथ जिनके हबीब होते हैं अपनी हम क्या सुनाये अब तुमको हम से पैदा गरीब होते हैं तुमने देखा न ढंग से शायद किस तरह बदनसीब होते हैं पास जिनके हो रूप की दौलत उनके लाखों रक़ीब होते हैं प्यार जिनको हुआ नहीं दिल…

  • हवाओं में आ गए | Poem Hawaon Mein aa Gaye

    हवाओं में आ गए ( Hawaon mein aa gaye )   शोहरत मिली तो आज हवाओं में आ गए रिश्ते भुला के ख़ास ख़लाओं में आ गए। हमको नहीं मालूम हुआ कब ये वाकया कब ख़्वाब से सरकार दुआओं में आ गए। फ़िरऔन मेरा इश्क़ बनाने लगा उन्हें बुत के सनम वो आज़ ख़ुदाओं में…

  • सितम का वार है | Sitam ka Vaar Hai

    सितम का वार है ( Sitam ka Vaar Hai ) उसकी जानिब ही सितम का वार हैआदमी जो वक़्त से लाचार है जिसको रब की नेमतों से प्यार हैवो ख़िजाँ में भी गुल-ओ-गुलज़ार है जिसके दम से हैं बहारें हर तरफ़अब उसी की सिम्त हर तलवार है लुट रही सोने की चिड़िया जा ब जाआज…

  • दर्द के दौर में | Dard Ke Daur Mein

    दर्द के दौर में  ( Dard Ke Daur Mein ) मौत थीं सामने ज़िन्दगी चुप रही दर्द के दौर मैं हर खुशी चुप रही जिसकी आँखों ने लूटा मेरे चैन को बंद आँखें वही मुखबिरी चुप रही दीन ईमान वो बेच खाते रहे जिनके आगे मेरी बोलती चुप रही बोलियां जो बहुत बोलते थे यहाँ…

  • बहुत सुन चुके

    बहुत सुन चुके बहुत सुन चुके है कि घाटा नहीं हैबहीखाता फिर क्यों दिखाता नहीं है चलो दूर कुछ और भी तुम हमारेअभी प्यार का मुझको नश्शा नहीं है तुम्हारी जुबाँ अब तुम्हें हो मुबारककभी थूक कर हमने चाटा नहीं है न देखो ज़रा तुम मेरी सिम्त मुड़करअभी तक ये दिल मेरा टूटा नहीं है…

  • मेरे आस पास में | Mere aas Paas me

    मेरे आस पास में ( Mere aas paas me )    कोई नादान हो रहा है मेरे आस पास में, उम्मीदों को बो रहा है मेरे आस पास में। बारिशों से कहिए कि पूरा झूम के बरसें, कोई ख़्वाब धो रहा है मेरे आस पास में। वो ज़माने भर के सैंकड़ों भंडार छोड़ के, हसरतों…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *