आपकी समझ | Aapki Samajh

आपकी समझ

( Aapki samajh )

 

घर से निकलने से पहले
और लौट आने के बाद
देख लिया करो खुद को वक्त के आईने में
जीवन की समझ आसान होगी
कल के रास्ते सुगम होंगे

हर नया रिश्ता और मुलाकात
खुलकर सामने नही आते
मध्यान्ह तक कहानी को समझना ही होता है
दूसरे पटाक्षेप का अंत ही
वास्तविक सत्य होता है

अंतरिक्ष दिखाई तो देता है
किंतु होता नही
हवा दिखाई नहीं देती है
किंतु वो होती है
सत्यता की परख ही
आपकी योग्यता को दर्शाती है

उजाला तो मिलता है
चांद और सूरज दोनो से ही
कौन किससे कितना होता है प्रभावित
यह स्वयं के गुणवत्ता पर ही निर्भर है

आपका वक्त आपके साथ होगा
जब आप वक्त के साथ होंगे
किंतु ,कैसा चाहिए
इसका चयन तो आपको ही करना होगा

 

मोहन तिवारी

( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

किताब | Kitab

Similar Posts

  • शरद पूर्णिमा का चांद | Sharad Purnima ka Chand

    शरद पूर्णिमा का चांद ( Sharad purnima ka chand )   चारू चंद्र का मनोरम स्वरूप कितना सुंदर कितना प्यारा, इसकी सुंदरता देख रहा है एकटक होकर ये जग सारा। शरद पूर्णिमा का चांद अपनी सोलह कला दिखलाता, मानो अंतरिक्ष के मंच पर सुंदर नृत्य सबको दिखलाता। समूचे ब्रम्हांड में चारों ओर ये चमक चांदनी…

  • राघव अनुपमा में : वैदेही चिन्मय श्रृंगार

    राघव अनुपमा में : वैदेही चिन्मय श्रृंगार   सनातन धर्म संस्कृति अंतर, राम उपमा मर्यादा पुरुषोत्तम । शिरोधार्य कुल वंश आज्ञा, आदर्श प्रेरणा चरित्र सर्वोत्तम । परिणय आभा जनक दुलारी, जप तप साधना शील अवतार । राघव अनुपमा में, वैदेही चिन्मय श्रृंगार ।। दिव्यता भव्यता अनूप पर्याय, विमल मृदुल सौम्य छवि। ब्रह्म कवच आराध्य श्री…

  • संकेत | Sanket

    संकेत ( Sanket )    बेहतर है कल के लिए कल को भुला देना कल की संभावनाओं मे आज को बांधा नही करते.. मान लो की वह एक मौका था उनको समझ लेने का अब आपको ही अपनी समझ से आगे का सफर तय करना है… बीते का तो केवल पदचिन्ह ही शेष है आपके…

  • संगीत | Poem in Hindi on music

    संगीत ( Sangeet )   थिरक उठते साज सारे संगीत सबको प्यारा लगे स्वर लहरियां जब बजे झंकार करे इकतारा बजे   सात सुरों की तान छेड़े गीतों के तराने सभी मन में उमंगे जगे संगीत के बजते तार कभी   गीत गजल मधुर मधुर कर्णप्रिय धुन प्यारी ढोल ताशे साज बाजे बांसुरी की तान…

  • समय का कालखंड | Kavita Samay ka Kalkhand

    समय का कालखंड ( Samay ka kalkhand )   समय की महत्ता जो समझे वही  है  बलवान, समय के संग चलनेवाला होता  है  धनवान। सु अवसर  पाकर जो कर्म से मुकर जाता है, वह अभागा है धरती पर जीवन भर पछताता है। समय ही करावत लड़ाई-झगड़ा बनावत राजा रंक फकीर, समय ही बनाता-बिगाड़ता रिश्ता और…

  • शख्सियत | Shakhsiyat

    शख्सियत ( Shakhsiyat )    बदल तो लेते हालात भी हम गर साथ भी तुम्हारा मिल गया होता झुका लेते हम तो जमाने को भी गर हाथों मे हाथ मिल गया होता गलियों से गुजरने मे चाहत थी तुम्हारी आज भी वो यादें दफन हैं सीने में गैरों पर उछलने के काबिल ही कहां यादों…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *