Ahankaar par kavita

अहंकार | Ahankaar par kavita

अहंकार

( Ahankaar ) 

 

किस बात का गुरूर,क्यों नर मगरूर तू।
क्या तुमने कर दिया, क्यों नशे में चूर तू।

गर्व ही करना कर, वतन की शान पर।
बोल मीठे बोल प्यारे, हो जा मशहूर तू।

मत कर अभिमान, नशे में होकर चूर।
चंद सांसों का खेल है, जी ले भरपूर तू।

हम हैं कठपुतली, बाजीगर भी और है।
प्यार के मोती लुटाता, जा जग में नूर तू।

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

 

अपनत्व दिखावा तो नहीं | Apnatva par kavita

Similar Posts

  • जवाबदारी | Javabdari

    जवाबदारी ( Javabdari )    बूंद, बूंद से बन जाती है नदी और सागर से महासागर तक भी हस्ती कोई भी हो ,छोटी नही होती बूंद मे समाया रहता है महासागर भी… एक ध्रुव तारा ही बदल देता है पंचांग को एक इंद्र धनुष ही करा देता है पहचान रंगों का एक ,कभी भी एक…

  • अपना ऐसा गणतंत्र हो | Gantantra Diwas par Kavita

    अपना ऐसा गणतंत्र हो ( Apna Aisa Gantantra Ho )    अपना ऐसा यह गणतंत्र हो, और बच्चें एक या दो ही हो। हौंसले सबके यें मज़बूत हो, व स्वतंत्रता का आभास हो।। आज नही रहें कोई परेशान, वृद्ध-बच्चें या जवान इंसान। संदेश दर्शाता यही लोकतंत्र, तिरंगा हमारा देश की शान।। कानून सब के लिए…

  • नैया ला मोर तार देना

    नैया ला मोर तार देना मेहा आएवं गणेश तोर दुवारी।करइया तैं हावस मुसवा के सवारी।।विपदा ला मोर गणपति जी टार देना।नैया ला मोर गणपति जी तार देना।। अरजी करथवं मेहा महाराज तोर।छाए हावय अंधियारा सब्बो ओर।।मोला तेहा गणपति जी उबार देना।नैया ला मोर गणपति जी तार देना।। पूजथे तोला गजानन सरी संसार।हावस विघ्नहर्ता दया सागर…

  • कामना | Kamna

    कामना ( Kamna ) हर व्यक्ति की कामना होती है इसके लिए अपनी सोच होती है हमें लक्ष्य समझना चाहिए सफलता के यत्न करने चाहिए। चाह के प्रति यकीन होना है पाने के लिए श्रम करना है इससे उन्नति शिखर पाती है जीवन में श्रेष्ठता लाती है। विकास के लिए कार्य करो उन्नति के लिए…

  • तुझ तक पहुंचने की चाह

    तुझ तक पहुंचने की चाह कोई मिल जाए जो तुझ तक पहुंचा दे,मेरे शब्द, मेरी सासें तुझ तक बहा दे।कि तू जान ले, आज भी प्रेम वहीं खड़ा है,तेरी राहों में, तेरी बाहों में, खुद को समेटे खड़ा है। चाहत की लौ बुझी नहीं है अब तक,तेरी यादों में जलती रही है अब तक।तेरे बिना…

  • तेरी दोस्ती | Teri Dosti

    तेरी दोस्ती ( Teri Dosti )  तेरी दोस्ती से, गुलजार जिंदगी मेरी पाकर तुम्हारा साथ, जीवन सम प्रसून खिला । बोझिल सी राहों पर, आनंद भरा शकून मिला । जले नव आशा दीप , दूर सारी नैराश्य अंधेरी । तेरी दोस्ती से,गुलजार जिंदगी मेरी ।। मेरा जीवन तो जैसे, तपता रेगिस्तान था । कदम कदम…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *