अजेय इंडिया हमारा

अजेय इंडिया हमारा

आन-बान-शान की
निशानी है इंडिया
जीत टी-20 का
प्रमाण है इंडिया
परचम अजेय का
गगनचुम्बी है इंडिया
पंख जज्बा-जोश की
बुलंदी है इंडिया
विजयी विराट की
लहर है इंडिया
वैश्विक चुनौतियों का
सामना है इंडिया

Shekhar Kumar Srivastava

शेखर कुमार श्रीवास्तव
दरभंगा( बिहार)

यह भी पढ़ें :- 

बचपन लौटा दो | Kavita Bachpan lauta do

Similar Posts

  • बसंत ऋतु के आगमन पर | Basant Ritu par Kavita

    बसंत ऋतु के आगमन पर ( Basant ritu ke aagman par )   मदिर से है बसंत, आये हैं जी पाहुने से सखि पिया बिन मोहे, कछु न सुहावत है।। खखरा के पात उड़, उड़ आये द्वारे आज पवन के झौकन भी, जिया को जगावत है।। अमुआ के बौर वाली, वास है सुवास आली महुआ…

  • चुनावी दंगल | Kavita Chunavi Dangal

    चुनावी दंगल ( Chunavi dangal ) देश चुनावी दंगल की चपेट में भाषणों,वायदों,कसमों के लपेट में मग्न हैं नेतागण लहरदार । जनता सुन रही मनभावन सम्बोधन टकटकी लगाए बैठे स्वप्नदर्शी की तरहा चुनावी हलचल की दलदल से आहत कराहते एक कुत्ता हुआ बेचैन भीड चीर कर लपका मंच को कुत्ते ने नेता को कोसा काटा…

  • तूफान | Kavita toofan

    तूफान ( Toofan )   सर पे आसमां रखता दिल में समाए तूफां रखता। शमशीरो का आगार हूं हृदय में हिंदुस्तान रखता।   तूफान उठे उठने दो चाहे बिजलिया गिरे अविरत। बुलंद हौसला रखे दिल में रहती माँ भारती मूरत।   हम आंधी तूफानों को भी मोड़ नया दिखा देंगे। काली अंधियारी रातों में हम…

  • काश वो भी याद करें | Kaash Shayari in Hindi

    काश वो भी याद करें ( Kash wo bhi yaad kare )   अक्सर वो सपनों में रहते उनसे हम फरियाद करे। दिल तक दस्तक देने वाले काश वो भी याद करें।   हम तो उनके चाहने वाले मधुर सुहानी बात करें। आ जाए वो भी महफ़िल में मस्तानी प्रभात करें।   यादों में सौम्य…

  • कब बरसी सवनवाँ | कजरी

    कब बरसी सवनवाँ टप-टप चुवेला पसीनवाँ, हाय, कब बरसी सवनवाँ। लुहिया के चलले से सूखेला कजरवा, ऊपरा से नीचवाँ कब बरसी बदरवा। गरमी से आवें न पजरवाँ, हाय, कब बरसी सवनवाँ। टप-टप चुवेला पसीनवाँ, हाय, कब बरसी सवनवाँ। ताल-तलइया,नदिया,पोखरी सुखैलीं, अपने बलम के हम गोनरी सुतऊलीं। चिरई जुड़ाई कब खोंतनवाँ, हाय, कब बरसी सवनवाँ। टप-टप…

  • छठ पूजा | Chhath puja poem

    छठ पूजा ( Chhath puja )  ऐसे मनाएं छठ पूजा इस बार, हो जाए कोरोना की हार। सामूहिक अर्घ्य देने से बचें, कोरोना संक्रमण से सुरक्षित हम रहें। किसी के बहकावे में न आएं- अपने ही छत आंगन या पड़ोस के आहर तालाब में करें अर्घ्य दान सूर्योपासना का पर्व यह महान मिले मनोवांछित संतान…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *