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कमल खिलाना ही होगा | Kamal
ByAdminकमल खिलाना ही होगा ( Kamal khilna hi hoga ) सकल जगत कल्याण हेतु तुमकों आगे आना होगा। हिन्दू हो हिन्दू के मन में, रिद्धंम जगाना ही होगा। भारत गौरव का इतिहास, पुनः दोहराना ही होगा। भय त्याग के हिन्दू बनकर, तुम्हे सामने आना होगा। दबी हुई गरिमा गौरव से, गर्त हटाना ही होगा।…

शायद | Shayad
ByAdminशायद ( Shayad ) शायद दिल को खबर मिली है मेरे लिए जिम्मेदरियों की कली खिली है दिल को कुछ हो रहा अहसास है अब इस आंगन से विदाई पास है मां की डांट भी अब मिलेगी कैसे मेरे इंतजार मे राह भी तकेगी कैसे भाई के शरारतों से बेखबर होंगे जाने वहाँ दिन…

स्वतंत्र भारत स्वाधीन भारत | Swatantra Bharat Swadhin Bharat
ByAdminस्वतंत्र भारत स्वाधीन भारत ( Swatantra Bharat Swadhin Bharat ) अंग्रेजों के शासन से पहले भारत सोने की चिड़िया था, दूध की नदियां बहती थीं और धरती उगाती सोना सा, छल कपट की नीति से अंग्रेजों ने गुलाम बनाए रखा, रक्त चूसकर ले गए सब भारत माता के आंचल का !! भारत माता के…

वक्त रुका ही नहीं कभी किसी के लिए
ByAdminवक्त रुका ही नहीं कभी किसी के लिए ऊंचे नीचे पथरीले रास्ते का प्रारब्ध सफर कारवां गुजर जाने के बाद धुंधला दिखा जीवन का बहुमूल्य अंश बीत जाने पर अस्थिर और अविचर सी दशा में रुका बीते लम्हेंआंखों में कैद कुछ इस तरह हुए डूबे जैसे दरिया में हम समंदर छोड़कर…

खामोश लब | Poem Khamosh Lab
ByAdminखामोश लब ( Khamosh lab ) जाने क्या कह जाते हैं तुम्हारे ये खामोश लब। बहा देते हैं रसधार मधुर गीतों के तराने लब। मुस्कानों के मोती प्यारे अधर सुरीले नैन तारे। खुशी के दीप जलाते हंसते हुए चेहरे तुम्हारे। होठों की रंगत भाती ठुमक ठुमक कर तुम आती। महकता आंगन सारा दिल की…

दिल की बातें | Dil ki baatein
ByAdminदिल की बातें ( Dil ki baatein ) सुनो , बरसों पहले जो नहीं किया वो अब कर दो तो सही जो तब नहीं कहा , वो अब कह दो तो सही… मौसम तब भी थे, मगर दस्तूर न थे अब दस्तूर है ,तो लौटा लो वो गया मौसम तो सही…. दिल…

