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मुझको कभी भी आज़मा कर देख लेना | Poem aazma kar dekh lena
ByAdminमुझको कभी भी आज़मा कर देख लेना ( Mujhko kabhi bhi aazma kar dekh lena ) मुझको कभी भी आज़मा कर देख लेना। हो सके मुझसे दिल लगा कर देख लेना।। एक पल भी मुझसे दूर नहीं रह पाओगे। कितना भी फासला बना कर देख लेना।। चाहे लाख नज़रें भी चुराओ…

दशानन क्यों नहीं मरता है | Dussehra Poem
ByAdminदशानन क्यों नहीं मरता है ( Dashanan kyon nahin marta hai ) घर-घर में मंथरा बैठी रावण घट घट बसता है महंगाई सुरसा सी हो गई आदमी अब सस्ता है ना लक्ष्मण सा भाई हनुमान सा भक्त कहां मर्यादा पुरुषोत्तम फिर से आप आओ यहां कलयुग में मर्यादा ढह गई मन में…

तू मेरा आसमान
ByAdminतू मेरा आसमान मैं वो चाँद, जिसका तेरे बिन ना कोई आसमां,तेरी बाहों के बिना हर रात लगे बेजुबां।सितारे भी बुझने लगे मेरी तन्हाइयों से,तेरी हँसी के बिना अधूरी है ये दास्तां। बादल भी अब मुझसे सवाल करते हैं,क्यों गुमसुम से रहते है, किसे याद करते हैं?मैं कहूँ क्या उनसे, कौन समझेगा दर्द मेरा,तेरी बिना…

Hindi Poetry On Life | Hindi Ghazal -यही जीवन है!
ByAdminयही जीवन है! ( Yahi Jeevan Hai ) ***** जीवन पथ में कभी कभी कुछ ऐसा होता है रोम रोम क्षण में पुलकित होता है। धूम धड़ाका पार्टी शार्टी गाजे बाजे संग बाराती प्रीतिभोज की होती तैयारी अधरो पर मुस्कान बिखर जाती चहुंओर खुशियां ही खुशियां नजर है आती। तो कभी एक पल में कर…

तब तुम कविता बन जाती हो | Kavita Tab Tum
ByAdminतब तुम कविता बन जाती हो ( Tab tum kavita ban jati ho ) झरनें की कल कल में, खग चहके जल थल में, सूर्य किरण तेज़ फैलाये पवन भीनी सुगंध बहाये जब प्रकृति सुंदरता बिखराती हो, तब तुम कविता बन जाती हो । कलम के सहारे, मेरे दिल पात्र में उतर आती हो…

बिमल तिवारी की कविताएं | Bimal Tiwari Poetry
ByAdminफिर मिलेंगे झंझटें तमाम आ के चली गईहोना था बदनाम हो के चली गईजीवन में वसंत इतने देख लिए,कीकई सुहानी शाम आ के चली गई, हर सुबह एक ख्वाब में ही बीत गईकुछ करने की ख्याल में ही बीत गईक्या खोया क्या पाया अब तक मैंनेसमय इसी सवाल में ही बीत गई, जीवन आ के…

