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Poem in Hindi on Lekhni | लेखनी
ByAdminलेखनी ( Lekhni ) जाती ही नही लेखनी कल्पना के लोक मे कैसे करूं श्रृंगार,समय के इस वियोग मे खमोशभाईं बच्चे,बेटियां भी हैं सहमी हुई अधरों पर आए हंसी कैसे,अपनों के शोक मे सुना था की ,देश को मिल गई है आजादी पर,हुए हैं आज़ाद कौन इस मुल्क में सिसक रही झोपड़ी,आज भी महलों…

पर्यावरण की व्यथा | Paryavaran ki Vyatha
ByAdminपर्यावरण की व्यथा ( Paryavaran ki vyatha ) बहुत दुखी हैं आज प्रकृति। सबसे अपनी व्यथा कहती, कोई सुने इसकी गुहार, बंद करें इसका संहार। पल पल पीड़ा को सहती, बहुत दुखी हैं आज प्रकृति। अपनी जरुरत की खातिर, क्युॅ॑ चलाते धार हथियार। इसे भी तो कष्ट होता, कभी समझें इसका प्यार। सभी को…

कीमत | Keemat par Kavita
ByAdminकीमत ( Keemat ) बीस साल की कीमत उससे पूछो- जिसनें पूरी नौकरी अकेंले रहकर निकाल दिया। पन्द्रह साल की कीमत उससे पूछो- जिसने एक ही रैंक में नौकरी निकाल दिया हो ।। दस साल की कीमत उससे पूछो- जिसके अब तक बच्चा-बच्ची नही हुआ हो। पाँच साल की कीमत उससे पूछो- जिसके पास…

मै हिंदी हिंदुस्तान की | Mai Hindi Hindustan ki
ByAdminमै हिंदी हिंदुस्तान की ( Mai Hindi Hindustan Ki ) मैं हिंदी हिंदुस्तान की, भारत के सुज्ञान की हिंदु मुस्लिम सिख इसाई, हर भारत के इंसान की। पूरब से पश्चिम की भाषा उत्तर से दक्षिण की भाषा मै हिंदी हिंद निशान की ,मैं हिंदी हिंदुस्तान की। सूर के सुख का सागर हू , भाव…

रोटी कपड़ा और मकान | Roti Kapada Aur Makaan
ByAdminरोटी कपड़ा और मकान ( Roti Kapada Aur Makaan ) उस अमीर आदमी की अकूत दौलत का पहाड़ दो कौड़ी है उस भूख से बिलखते अधनंगे बच्चे की नजर में जिसकी मां ने उससे पहले दम तोड़ दिया उसको जिंदा रखने की चाह में अपना खून चुसवाते चुसवाते अपने भूखे बदन और सूखे स्तन से…

Urdu Nazm In Hindi | Sad Shayari -बेशुमार हादसों से गुज़रा हूँ मैं
ByAdminबेशुमार हादसों से गुज़रा हूँ मैं ( Beshumar Haadson Se Guzra Hun Main ) बेशुमार हादसों से गुज़रा हूँ मैं! वक़्त इसलिए ही सहमा हूँ मैं! लहू लहू जिस्म है रूह के साथ, अहले जवानी झुक सा गया हूँ मैं! मुस्कुराहट ने छीन लिया चेहरा, ओढ़ कर सारे दर्द चल रहा…

