Naya Saal Mubarak

उम्मीदों भरा नया साल

उम्मीदों भरा नया साल

उम्मीदों भरा नया साल
खूब आता है मन में ख्याल।
ढेर सारी आशाएं हैं
जिंदगी की अभिलाषाएं हैं ,
शायद जिंदगी हो जाए खुशहाल
उम्मीदों भरा नया साल।।
अधूरे सपने इस साल हों पूरे
वक्त बुरा कब तक, जब हम नहीं है बुरे
खुशियां जरूर मिलेंगी
जिंदगी जरूर खिलेगी ,
बदलेगा मौसम का हाल
उम्मीदों भरा नया साल।।
किस्मत कब तक रुलाएगी
इस बार जरूर पास आएगी,
आशाओं का फूल खिलेगा
नया सवेरा फिर मिलेगा
बदलेगा सुर और ताल
उम्मीदों भरा नया साल।।

कवि : रुपेश कुमार यादव ” रूप ”
औराई, भदोही ( उत्तर प्रदेश।)

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • Vriksh Ki Peeda | वृक्ष की पीड़ा

    वृक्ष की पीड़ा ( Vriksh Ki Peeda )    काटकर मुझे सुखाकर धूप में लकड़ी से मेरे बनाते हैं सिंहासन वार्निश से पोतकर चमकाते हैं वोट देकर लोग उन्हें बिठाते हैं वो बैठ कुर्सी पर अपनी किस्मत चमकाते हैं, बघारते हैं शोखी, इठलाते हैं; हर सच्चाई को झुठलाते हैं। मोह बड़ा उन्हें कुर्सी का नहीं…

  • भीग गया अंग फागुन के रंग | Kavita Phagun ke Rang

    भीग गया अंग-अंग फागुन के रंग ( Bheeg gaya ang-ang phagun ke rang )    भीग गया सारा अंग-अंग फाल्गुन के यह रंग, मस्त फुहारें फाग मस्ती में झूम रहें सभी संग। हर मुखड़े पर रंग लगा किसी के लगी गुलाल, धूम-मचाती होली आई बाज रहें है देखो चंग।। एक थाली गुलाल रखी दूसरी में…

  • दादाजी | Kavita Dada Ji

    दादाजी ( Dada Ji ) दादाजी बड़े विद्वान चलते सीना तान l हाथ में छाता उनकी पहचान l मुछे रखते तान सुबह सैर सपाटे में जाते l बैठ पेड़ की छांव आराम फरमाते l छतरी के गुणों का करे बखान l छतरी में गुण तीन धूप से बचाए बारिश से बचाए l उचका लुचा, कुत्ता…

  • गोवर्धन पूजा | Govardhan Puja

    गोवर्धन पूजा ( Govardhan Puja )  ( 2 )  गोवर्धन पूजा को आधार बनाया हे कृष्ण तेरी महिमा अपरंपार। इंद्रदेव थे बड़े अभिमानी पूजा सभी करते नर नारी। अभिमान को चुर करने के लिए कृष्ण ने लीला रचाई गोवर्धन पर्वत को पूजो यह बात गोकुल को समझाई। कुपित हो इंद्रदेव बरसे कई दिन रात गोकुल…

  • निर्णय लेना है | Kavita Nirnay Lena Hai

    निर्णय लेना है  ( Nirnay Lena Hai ) बड़े ही अजीब हैं वो लोग जो इंसानों से नफरत करते हैं। दिन रात हिंदू मुस्लिम का राग न जाने क्यों अलापते रहते हैं। या तो वो मानव नही है दानव रूप में जन्म लिये है। इसलिए हम सब लोगों की एकता को नष्ट कर रहे हैं।।…

  • जल ही है जीवन का संबल

    जल ही है जीवन का संबल   जल ही है जीवन का संबल, जल ही जीवन का संचार! वन्य जीव फसलें जीवित सब, जल ही है सुख का आधार!! जल विहीन हो जीना चाहें, ऐसा संभव नहीं धरा पर! जल संचय करना हम सीखें, बर्बादी को रोकें परस्पर!! पर्यावरण प्रदूषित ना हो, वृक्ष से करें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *