Atal Bihari vajpayee

माननीय अटल जी | Atal Ji

माननीय अटल जी

( Maananeey Atal Ji ) 

 

राजनीति के सितारे राजनैतिक पटल पर थे अटल हमारे,
प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने भारत के काज सवारे।

जिनकी सत्य चित्रकार से संसद के सदन भी घायल थे,
प्रखर भाषण अंदाज के विपक्षी दल भी कायल थे।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिंदी का गान है गाया था,
सर्वप्रथम भारत में जिन्होंने सर्व शिक्षा अभियान चलाया था।

संचार क्रांति की उपयोगिता जन-जन तक पहुंचाई थी,
आतंकवाद निरोधी पोटा कानून स्कीम बनाई थी।

किया अच्छाई का प्रचार अपने कवि अंदाजों से,
नहीं जीत सकते कभी उड़ते कबूतर बाजों से।

भारत की सुगंधित माटी में अटल ने अटलता को बोया है,
अमर रहेंगे बाजपेई जी साहित्य ने भी उन्हें पिरोया है।

प्रभावी व्यक्तित्व के धनी भारत‌ की धरा पर लिया जन्म,
माननीय वाजपेई अटल जी आपको मेरा कोटि-कोटि नमन।

 

Shiwani Swami

रचनाकार: शिवानी स्वामी

गाजियाबाद, ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

वंदन माननीय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी | Kavita Atal Bihari Vajpayee

Similar Posts

  • प्रभु तुम आए | Prabhu tum Aaye

    प्रभु तुम आए ( Prabhu tum aaye )    प्रभु तुम आए , दीन हीन बनकर , हमारे द्वार, मैंने तुझे दुत्कारा , जलील किया, तुम कुछ ना बोले , मेरी सारी नादानियों को, सहते रहे, फिर लौट गये। मैं मंदिरों में , तुझे ढूंढता रहा, परंतु मंदिर के बाहर, कोढी का रूप रखकर ,…

  • औरों से कैसी बातें…?

    औरों से कैसी बातें…? अब आकर तुम्हीं बतादो, हम गीत कहां तक गायें। पाकर एकान्त बहे जो, वे आंसू व्यर्थ न जायें। इस भांति प्रतीक्षा में ही, बीतेगीं कब तक घड़ियां। बिखरेंगी बुझ जायेंगी, आशाओं की फुलझड़ियां। मरुथल में आ पहुंची है, बहती जीवन की धारा। तुम दयासिंधु हो स्वामी, किसका है अन्य सहारा। भौतिक…

  • May Danava | मय दानव (महाभारत)

    मय दानव ( महाभारत ) ( May Danava  )   खाण्डव वन में मय दानव ने, इन्द्रप्रस्थ रच डाला। माया से उसने धरती पर,कुछ ऐसा महल बनाया।   अद्भुत उसकी वास्तु शिल्प थी,कुछ प्रतिशोध भरे थे, जिसके कारण ही भारत में, महाभारत युद्ध कराया।   कौरव ने जब खाण्डव वन को, पाण्डवों को दे डाला।…

  • रागिनी | Kavita Ragini

    ” रागिनी “ ( Ragini ) सुमधुर गुंजार कोकिल चमक चपला सी चलन का।   रुचिर सरसिज सुमनोहर अधर रति सम भान तन का।   गगन घन घहरात जात लजात लखि लट लटकपन का।   मधुप कलियन संग लेत तरंगता खंजन नयन का।   पनग सूर्य अशेष पावत मात दुति मणि दंतनन का।   धरत…

  • खादी एक शान है | Khadi

    खादी एक शान है   खादी एक शान है, खादी एक सम्मान है। स्वाभिमान है खादी, खादी एक सद विचार है। देसी धागों से बना हुआ, देश प्रेम मे सना। रेशम के तानों से तना, खादी एक सत्कार है।   गांधी जी का जीवन दर्शन है, अपना तो दर्पण है, समर्पण है। तन ढकने को…

  • प्रियंका सोनकर की पांच रचनाएं | Dr. Priyanka Sonkar Poetry

    01. क्रांति ——– तुम जिस सभ्यता को संस्कृति कहते हो यही शोषण का कारखाना है तुम कहते हो इसे ही तो बचाना है मैं कहती हूं मुझे इसे ध्वस्त करना है शोषण का श भी नहीं चाहिए इस धरती पर मुझे जब जब शोषण के मुहाने पर सभ्यता की बुनियाद संस्कृति का परचम लहराती है…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *