Kavita Atal Bihari Vajpayee

वंदन माननीय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी | Kavita Atal Bihari Vajpayee

वंदन माननीय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी

( Vandan mananiy purba pradhanmantri Atal Bihari Vajpayee )

 

 

अटल इरादों की हस्ती
अटल बिहारी नाम
जिनके अटल इरादों को
जग करता सदा प्रणाम

 

अवतरण शिक्षक घर पाया
सदा ज्ञान की जोत जलाया
राष्ट्र हितेषी मनुज वंदन
विपुल बुद्धि शारदे नंदन

 

करुणा सिंधु लेखनी प्रहरी
प्रखर वक्ता कलम पुजारी
सकल राष्ट्र के अधिनायक
निर्बल के रहे सदा सहायक

 

सुशोभित सादगी जीवन
मन कर्म उच्च विचार
राष्ट्र धारा हृदय बहती
निर्मल जीवन आचार

 

भारत के जनमानस में
अटल बिहारी रहता है
वाणी साधक कलम पुजारी
जन गण मन वंदन कहता है

 

पावन प्रखर वाणी आपकी
जो सोये शेर जगा सकती
सफल नीति नियंता आप
दिलों में जगह बना सकती

 

कदम मिलाकर चलना होगा
लेखनी का संदेश दिया
करुणा सिंधु प्रेम भरा नर
अटल जग का होकर जिया

   ?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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सर्द हवाएं | Sard hawayein kavita

 

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