Atmabodh Parakashtha

आत्मबोध पराकाष्ठा | Atmabodh Parakashtha

आत्मबोध पराकाष्ठा

( Atmabodh parakashtha )

 

आत्मबोध पराकाष्ठा, स्वर्वेद अनुपमा में

मनुज जीवन परम ध्येय,
आत्म ज्ञान अनवरत प्रयास ।
स्पंदन अलौकिक आभा,
साधन साध्य दिव्य उजास ।
आत्मसात नैतिक जीवन चर्या,
अंतर्मन योग ध्यान परिक्रमा में ।
आत्मबोध पराकाष्ठा, स्वर्वेद अनुपमा में ।।

वाराणसी उमराह शोभित,
विश्व विशालतम भव्य बिंदु ।
सात मंजिला अनूप भवन,
चार हजार श्लोक सिंधु ।
रामायण महाभारत वेद सह,
उपनिषद वंदन मनोरमा में ।
आत्मबोध पराकाष्ठा, स्वर्वेद अनुपमा में ।।

अति शोभित पंखुड़ी कमल,
एक सौ पच्चीस मोहक छवि ।
बीस हजार साधक क्षमता,
एक्य समय उपासना नवि ।
एक सौ अस्सी फीट ऊंचाई,
दो सौ एकड़ क्षेत्र नैसर्गिकता में ।
आत्मबोध पराकाष्ठा, स्वर्वेद अनुपमा में ।।

उन्नीस वर्ष अथक श्रम,
कल्पना श्री मूर्त आकार ।
विहंगम योग संस्थान सानिध्य ,
एक सौ करोड़ व्यय प्रभार ।
उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री जी,
सर्वत्र उल्लास महामंदिर उपमा में ।
आत्मबोध पराकाष्ठा,स्वर्वेद अनुपमा में ।।

महेन्द्र कुमार

नवलगढ़ (राजस्थान)

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