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भारत | Bharat par Bhojpuri Kavita
ByAdminभारत, भोजपुरी कविता ( Bharat Bhojpuri Kavita ) भारत देश हमार, जेके रुप माई समान चेहरा काशमीर, मुडी हिमालय मुकुट के पहचान बायां हाथ अरु, आसाम मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, मनिपुर,नागा अउर मुटान दाहिना हाथ गुजरात अउर राजसथान गोड कर्नाटक, आंध्रा, तमिलनाडु, केरला शितलता के प्रमाण इनके ढेरों लइका विर अउर विद्वान पंजाब अउर हिमाचल…

रोटि | Roti par Bhojpuri Kavita
ByAdmin” रोटि “ ( Roti ) बड़ी अजीब दुनिया बा रोटी उजर तावा करिया बा केहु पकावे केहु खाये कुर्सी पे बइठ हाथ हिलाये जे पकाय जरल खाये सुन्दर रोटी कुर्सी के भाये खुन जरे पसिना आये तावा पे जाके सुन्दरता लाये जे खुन जराये पसिना लाये ओके खाली दुख भेटाये । कवि –…

जरल | Jaral Bhojpuri kavita
ByAdmin” जरल “ ( Jaral ) पहिले अपना के झांक तब दुसरा के ताक काहे तु हसतारे कवन कमी तु ढकतारे घुट-घुट के मरतारे दुसरा से जरतारे तोहरों में बा कुछ अच्छा ज्ञान खोज निकाल अउर अपना के पहचान मेहनत के बल पे आगे बढ़ जवन कमी बा ओकरा पुरा कर ना कर सकेले…

लड़कपन | Ladakpan par Bhojpuri kavita
ByAdminलड़कपन ( Ladakpan ) देखऽ-देखऽ ठेला वाला आइल ओपे धर के मिठाई लाइल दु पइसा निकाल के देदऽ जवन मन करे मिठाई लेलऽ खुरमा खाजा रसगुल्ला राजा इमरति अउर चन्दकला बा ताजा बर्फी, hमलाई हऽ मिठाई के भाई बुनिया सेव अउर गुलाब जामुन गाजा आवे ला खाये में खुबे माजा बाबु जी गइल बाने…

चेहरा | Chehra par Bhojpuri Kavita
ByAdminचेहरा ( Chehra ) कहाँ गेईल ऊ माटी पे से चेहरा टाटी पे रचल बतावे कुछ गहरा गांव देहत में लऊके सुनहारा मिट गईल बा ओपे पहरा हर टाटी पे कुछ अलग गढ़ल रहे हिरण के पिछले बाघ दऊड़त रहे जिंदगी और मौऊत दूनो झलकत रहे अइशन रहस्य ओपे मढल रहत रहे …

पागल | Pagal Bhojpuri kavita
ByAdmin” पागल “ ( Pagal ) दरद के आग बा ओके दिल में, रोये ला दिन रात देख- देख के लोग कहेला, पागल जाता बडबडात रहे उ सिधा साधा, माने सबके बात लूट लेलक दुनिया ओके, कह के आपन जात आज ना कवनो बेटा-बेटी, नाही कवनो जमात नाही पाकिट में एगो रोपया,…

