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बारिश के चढ़ल बा पानी | Barish ke Chadhal ba Pani
ByAdminबारिश के चढ़ल बा पानी ! ( Barish ke chadhal ba pani ) अरे रामा! बारिश कै चढ़ल बा पानी, करत मनमानी ए हरी। ( 2) गाँव -शहर ऊ नदिया डूबल, मक्का,अरहर,धान ऊ डूबल। अरे रामा! देवरा करत छेड़खानी, चढ़ल बा पानी ए हरी। अरे रामा! बारिश कै चढ़ल बा पानी, करत मनमानी ए…

रोपया | Poem on rupees in Bhojpuri
ByAdmin” रोपया “ ( Ropya ) रोपया के ना कवनो जात जे के ज्यादा उहे बाप उहे दादा उहे भाई चाहे हो कईसनो कमाई रोपया से समान मिलेला जित धरम अउर शान मिलेला रोपया से सब कुछ खरीदाला कोट कचहरी अउर न्याय बिकाला रोपया में बा अ्इसन बात रोपया के ना कवनो जात रोपया…

लड़कपन | Ladakpan par Bhojpuri kavita
ByAdminलड़कपन ( Ladakpan ) देखऽ-देखऽ ठेला वाला आइल ओपे धर के मिठाई लाइल दु पइसा निकाल के देदऽ जवन मन करे मिठाई लेलऽ खुरमा खाजा रसगुल्ला राजा इमरति अउर चन्दकला बा ताजा बर्फी, hमलाई हऽ मिठाई के भाई बुनिया सेव अउर गुलाब जामुन गाजा आवे ला खाये में खुबे माजा बाबु जी गइल बाने…

समोसा | Samosa par Bhojpuri Kavita
ByAdminसमोसा ( Samosa ) आज खड़ा रहनी हम बजार में भिंड भरल रहे अउर सबे रहे अपना काम में दुकानदार चिललात रहे हर चिज़ के दाम के तले एगो लइका ले उडल कवनो समान के चोर चोर कह सभे चिल्ला उठल का चोरइले रहे ना केहु के पता चलल उ लइका आवाज सुन डेरा…

बेचारा | Bechar Bhojpuri Kavita
ByAdminबेचारा ( Bechara ) जब से गरीबी के चपेट में आइल भूख, दर्द, इच्छा सब कुछ मराइल खेलें कुदे के उम्र में जूठा थाली सबके मजाइल का गलती, केके कइलक बुराई जे इ कठीन घड़ी बा आइल ना देह भर के पावेला जामा ठंडा, गमी, बरसात सब आधे पे कटाइल ठिठुर-ठिठुर गावेला गाना जल्दी-जलदी…

अनहार | Anhar par Bhojpuri Kavita
ByAdmin“अनहार, दिया आऊर आस “ ( Anhar, diya aur aas ) दीया जला देहनी हऽ ओहिजा काहे से उहवा रहे अनहार जहवां से कइगो राही गुजरे जाने कब केहू उहवा जाए हार एगो, दुगो, तिन गो, नाही चार, उहवा से राही गुज़रेला हर बार मगर केहु न जाने किस्मत के कब कहवां के खा…

