Badhe Saurabh Pragyan

बढ़े सौरभ प्रज्ञान | Badhe Saurabh Pragyan

बढ़े सौरभ प्रज्ञान

( Badhe Saurabh Pragyan )

जन्मदिन की बधाइयाँ, करें पुत्र स्वीकार।
है सबकी शुभकामना, खुशियाँ मिले हजार।।

बहुत-बहुत शुभकामना, तुमको प्रियवर आज।
हो प्रशस्त जीवन सुखद, सुन्दर साज समाज।।

जीवन भर मिलती रहें, खुशियाँ सदा अपार।
मात शारदे! आपके, भरें ज्ञान भण्डार।।

शुभ सरिता बहती रहे, जीवन हो सत्संग।
घर आँगन खिलते रहें, प्रेम प्रीति के रंग।।

धर्म-कर्म अध्यात्म का, सदा करें उत्थान।
लक्ष्य प्राप्ति हेतु अनवरत, बढ़े सौरभ प्रज्ञान।।

जीवन भर प्रज्ञान को, खुशियाँ मिलें अपार।
बुजुर्ग शुभ आशीष दें, बाँटे लाड-दुलार।।

उन्नति पथ बढ़ते रहो, स्वप्न करो साकार।
ईश्वर की कृपया रहें, खुशियाँ मिलें अपार।।

Dr. Satywan  Saurabh

डॉo सत्यवान सौरभ

कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट,
333, परी वाटिका, कौशल्या भवन, बड़वा (सिवानी) भिवानी,
हरियाणा

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • सांवरियो आंगणिये आयो | Rajasthani Bhasha Poem

    सांवरियो आंगणिये आयो ( Sanwariyo aanganiye aao )    सांवरियो आंगणिये आयो, जाग्या म्हारा भाग। सुखसागर बरसण लाग्यो,घट उमड़यो अनुराग। मनमंदिर म जोत जागी,घट म उजाळो दमक्यो। नैणां गिरधर री मूरत, किस्मत रो तारों चमक्यो। मिल्यो खजानों शबदां रो, सुरसत री महर होगी। सुरभित बणी केसर क्यारी, काया कंचन निरोगी। फूट पड़या गीता रां सुर,…

  • मैं आ रहा हूँ | Main Aa Rahan Hoon

    मैं आ रहा हूँ ( Main Aa Rahan Hoon ) कान तरस गए यह सुनने को, “मैं आ रहा हूँ” एक बार तो कह दीजिए प्रभु! “मैं आ रहा हूँ” अँखियाँ बिछा देती मैं राह में, बांवरी मैं हुई आपकी चाह में, कब से राह मैं तक रही हूँ, सहन पीड़ा करने कैसे सक रही…

  • जगतगुरु आदि शंकराचार्य | Kavita

    जगतगुरु आदि शंकराचार्य ( Jagadguru Adi Shankaracharya )    धर्म और संप्रदाय पर जब था अंधकार का साया,  तब केरल के कालडी़ मैं जन्मे महान संत| 8 वर्ष की उम्र में सन्यासी बने सबको दिया ज्ञान,  कई ग्रंथ  रचकर  दिया सबको परम ज्ञान| सनातन धर्म स्थापित किया, अद्वैत चिंतन को पुनर्जीवित करके सनातन हिंदू धर्म…

  • याद तेरी जब आती है | Poem yaad

    याद तेरी जब आती है ( Yaad teri jab aati hai )   मन  के  जुड़ते  तार  सभी, दूरियां मिट जाती है। मधुर मधुर दुनिया लगती, याद तेरी जब आती है।   खुल जाता किस्मत ताला, सारी बातें उर भाती है। स्वर संगीत सुहाता लगता, याद तेरी जब आती है।   मधुर बरसता सावन लगता,…

  • हमनवा | Humnava par kavita

    हमनवा (  Humnava )   तुम प्रेरणा हो मेरी मैं संगिनी तुम्हारी तुम प्रियवर हो मेरे मैं प्रियतमा तुम्हारी तुम कविता हो मेरी मैं कलम तुम्हारी तुम श्रंगार हो मेरे मैं संगिनी तुम्हारी तुम जीवन हो मेरे मैं धड़कन तुम्हारी तुम प्राणश्वर हो मेरे मैं दामिनी तुम्हारी तुम मनमोहन हो मेरे मैं मोहिनी तुम्हारी तुम…

  • चुनाव आइल बा | Chunav Par Bhojpuri Geet

    चुनाव आइल बा ( Chunav aail ba )  आइल चुनाव बा… नेता घुमेलें, भर भर के गड़िया हो.. भर भर के गड़िया! सांझ सबेरे दुपहरिया!! नेता जी, नेता जी आवेले, हमके लुभावेलें। कह कह के बतिया हो, दीहें रोजगार आउर करीहें विकास हो। पूरा हो जाइ अबकी सभन के आस हो, लाचारी भटकी अब कबो#ना…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *