बदले की आग | Badle ki Aag

बदले की आग

( Badle ki aag )

 

बदले की आग बना देती है अंधा
और को जलाने की खातिर
हृदय में धधकती ज्वाला
स्वयं के अस्तित्व को भी
बदल देती है राख में

वक्त पर क्रोधित होना भी जरूरी है
किंतु समाधान के रास्ते भी कभी बंद नहीं होते
विकल्प ढूंढना जरूरी है

महाभारत ही होना विकल्प नहीं था
शेष थे पर्याय के तमाम रास्ते
स्वार्थ की महत्वाकांक्षाओं ने ही
वंश को खत्म कर दिया

बदल ही जाते हैं हालात वक्त के साथ
छोड़ जाते हैं पीछे राख या पश्चताप
कई पीढ़ियां गुजर जाती हैं
वर्तमान को संभालते संभालते

शकुनी भी कहा नहीं होते
गलतियां तो धर्मराज से भी हो जाती हैं
सोने का मृग भी नहीं होता
परिस्थितियों वैसी बन जाती हैं

समझदारी जरूरी है संकट में
संभावनाएं रहती हैं जिंदा हरदम

 

मोहन तिवारी

( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

हकीकत | Haqeeqat

Similar Posts

  • kavita | रंग | Rango Par Kavita in Hindi

    रंग ( Rang )   नयनों से ही रग डाला है, उसने मुझकों लाल। ना  जाने  इस होली में, क्या होगा मेरा हाल।   पिचकारी में रंग भर उसने, रग दी चुनर आज, केसरिया बालम आजा तू,रग कर मुखडा लाल।   धानी  चुनरी  पीली चोली, लंहगे का रंग गुलाब। नयन गुलाबी चाल शराबी, मुखडें से…

  • वे भाग्यशाली हैं बड़े | Bhagyashali

    वे भाग्यशाली हैं बड़े ( Ve bhagyashali hai bade )    वे सौभाग्यशाली हैं बड़े जो मां के आंचल के तले खेले कूदे और पले बढ़े वे खुशनसीब है बड़े वे खुश किस्मत हैं बड़े जो मां के चरणो तले रहे वे प्रभु को अजीज है बड़े जो दिन मां की सेवा में कटे बलाए…

  • होली का मौसम आ गया | Holi ki kavita

    होली का मौसम आ गया ( Holi ka mausam aa gaya )   होली का रंग भा गया, मस्ताना मौसम आ गया। भरी सभा में फाग सुनाएं, फागुन रंग रंगीला छा गया।।   सारे मस्ती में झूमे गाए, एक दूजे को गुलाल लगाएं। गौरी नित का काग उड़ावे, परदेसी कब मेरा घर आवे।।   बजे…

  • मन

    मन बहुत शक्तिशाली हैव्यापक हैउसका साम्राज्यउसकोचुनौती देने वालाकोई नहीं हैअतः भलाई हैप्रकृति के नियम केसाथ चलने में हीसार नहींविपरीत दिशा में कोईमन में कालुष्य न आयेकर्म काट करइतना हिम बनकरचले कि खुद केसंगति वह जो नीति सिखायेवैराट्य प्रकट होवाणी में वैर-भावन उगने पायेराग- द्वेष से दूरहो जायें औरध्रुवतारा -सी चमकलिए सारे जगत मेंचमक सही सेआत्मा…

  • उम्र | Kavita umra

    उम्र ( Umra )   जो हंसते मुस्काते रहते मोती प्यार के लुटाते रहते उनकी उम्र जवां रहती है सबको गले लगाते रहते   बचपन जवानी बुढ़ापा जिंदगी के है पड़ाव हमारे खट्टे मीठे आते सदा जीवन में उतार-चढ़ाव प्यारे   उम्र झलकती चेहरे से ढलती उम्र जाती पहचानी चिंता से बेकार हो जाती हंसती…

  • श्री राम की वंशावली | Shree Ram ki Vanshavali

    श्री राम की वंशावली ( Shree Ram ki vanshavali )    धर्म मर्यादा शौर्य अथाह,प्रभु राम की वंशावली में हिंदू धर्म परम आराध्य श्री राम, वंदित ब्रह्मा जी सप्तषष्टि वंश । सरित प्रवाह उमंग उल्लास सर्वत्र, निर्वहन रीति नीति संस्कार रंश । मान सम्मान परंपरा सदा शीर्ष, रज रज बिंब नैतिक शब्दावली में । धर्म…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *