भगवान जय श्री परशुराम जी
भगवान जय श्री परशुराम जी
( छंद-मनहरण घनाक्षरी )
जमदग्नि रेणु सूत ,अति बलशाली पूत,
छठे अवतार विष्णु ,
राम कहलाए है!
अक्षय तृतीया आई,अटल मुहुर्त लाई,
रामभद्र जन्मोत्सव ,
जगत मनाए है।
राम बसे श्वास श्वास, करने अधर्मी नाश,
हाथ में सदैव अस्त्र,
परशु उठाए है ।
शिव धनु तोड़े राम , हर्ष हुआ चारों धाम,
विलोकित राम-राम ,
दोनों मुस्कुराए है।

डॉ कामिनी व्यास रावल
(उदयपुर) राजस्थान







