Kuntha par chhand

कुंठायें जीवन का अवसान | Kuntha par chhand

कुंठायें जीवन का अवसान

( Kunthaye jeevan ka avsan ) 

 

 

चिंता चिता समान है, कुंठायें हैं अवसान।
जीवन को आनंद से, जरा भर लीजिए।

 

सब को खुशी बांटिये, नेह मोती अनमोल।
घुटन भरे कुंठाएं, थोड़ा प्रेम कीजिए।

 

हर्ष मौज आनंद की, गर चाहो बरसात।
ईर्ष्या द्वेष लोभ मद, जरा त्याग दीजिए।

 

छल कपट दंभ हो, जहां घृणा तिरस्कार।
कुंठाएं घर बनाले, गम थोड़ा पीजिए।

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

खुशी से झूमता है मन | Man ke geet

Similar Posts

  • स्नेह तिलक | Hindi mein chhand

    स्नेह तिलक ( Sneh Tilak ) भाई बहन का प्यार, भैया दूज का त्यौहार। लाया खुशियां अपार, तिलक लगाइए।   अक्षत रोली ले आई, खूब जियो मेरे भाई। महके भैया संसार, खुशियां मनाइए।   वैभव से भरा रहे, भैया घर परिवार। मंगलाचार बहना, प्रीत भर गाइए।   गंगाजल सा पावन, भाई बहन का प्यार। नेह…

  • मतदान | मनहरण घनाक्षरी | Poem on voting in Hindi

    मतदान ( Matdan )   चुने हम सरकार सबका है अधिकार राष्ट्र निर्माण करने मतदान कीजिए   मतदान महादान अधिकार पहचान लोकतंत्र मजबूत कर वोट दीजिए   सशक्त हो जनादेश मतदान है विशेष सोच समझ अमूल्य वोट जरा दीजिए   उम्मीदवार खरा हो वो राष्ट्रप्रेम भरा हो स्वच्छ छवि रखता हो चुन जरा लीजिए    …

  • धीरज | मनहरण घनाक्षरी छंद

    धीरज ( Dheeraj )   नर धीरज धारिये, संयम धरे विचार। धीरे-धीरे बढ़ चलो, ध्वज लहराइये।   धैर्यपूर्वक जो चले, शील गुणी जन जान। धीरे-धीरे मुखर हो, पहचान पाइए।   धीर अमोध अस्त्र है, मृदु वाणी सुरज्ञान। सुर लय तान बन, गीत मीत गाइए।   रणबीर बलवीर, समर न धरो धीर। राष्ट्रहित रणभूमि, वीरता दिखाइए।…

  • क्षमा | Poem in Hindi on Kshama

    क्षमा ( Kshama )  रूपहरण घनाक्षरी   दया क्षमा हो संस्कार, सदाचार और प्यार। परोपकार गुण को, घट नर ले उतार। व्यक्तित्व को चार चांद, यश कीर्ति हो अपार। क्षमा बड़ों का गहना, भव सागर दे तार। बड़े वही जगत में, छोटों को करते माफ। तारीफ में ताकत है, परचम ले विस्तार। क्षमा वीरों को…

  • नसीहतें | Nasihaten Chhand

    नसीहतें ( Nasihaten )     नसीहतें मां-बाप की सुन लेना एक बार जिंदगी सुधर जाए एतबार कीजिए   भला चाहते आपका अपने ही देते सीख बड़ों की नसीहतों को सम्मान दीजिए   नसीहतें ना दीजिए कर्म भी जग में करे हुनर दिखला कर खूब यश लीजिए   जिंदगी की जंग में भी हौसला रखना…

  • शिव महिमा -शिवगौरा

    शिव महिमा -शिवगौरा ( राधेश्मामी छंद ) शिव गौरा मुख बैठे नंदी, ये सावन लगा सुहाना है।अविनाशी की महिमा प्यारी,अब हर-हर भोले गाना है।झंकृत डमरू नाद सुरीला, वो बम बम भोला लहरी है।रम कर बैठे भोले बाबा,मन बसा प्रेम की नगरी है। गंगा धारण करने वाले,वो बम भोले भंडारी है।जो भी इनको मन से ध्याया,तो…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *