Bhagwan Parshuram

भगवान परशुराम | Bhagwan Parshuram par Kavita

भगवान परशुराम

( Bhagwan Parshuram ) 

 

शुभ तिथि को जन्म दिया भगवान परशुराम
सत्य सनातन रक्षक त्यागी तपस्वी निष्काम

परसु अस्त्र मिला शिव से परशुराम कहलाए।
शस्त्र विद्या में महागुरु भार्गव गोत्र कुल पाए।

धरा क्षत्रिय विहीन इक्कीस बार कर दिखलाए
ब्राह्मण पुत्रों को दी शिक्षा भीष्म कर्ण भी पाए

वैदिक संस्कृति प्रचारक की कुदरत के हो पालक
ब्राह्मण कुल में जन्म लिया क्षत्रिय वंश संचालक

प्रकृति से जुड़े रहे सदा पशु-पक्षी भाषा जाने
भर बिन प्रीत नहीं जगत में सारी दुनिया माने

दिव्यतेज तपस्वी जीवन तपोबल सुयश पाया
त्रेतायुग में राम मिले द्वापर द्वारिकाधीश आया

 

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

जिंदगी जलेबी है जी | Kavita on Zindagi

Similar Posts

  • दरार | Daraar

    दरार ( Daraar )    एक दो दरार के आ जाने से ही दीवार ढह तो नही जाती जर्जर हुए मकान भी संभल जाते हैं सालों साल…. हो जाय यदि गलती का एहसास या भावना हो लगाव की तो समझौते भी रखते हैं मायने टूटी लाठी, आधी ही कहलाती है…. बीमारी का मतलब मौत ही…

  • कारगिल शौर्य गाथा | Kargil Shaurya Gatha

    कारगिल शौर्य गाथा ( Kargil Shaurya Gatha ) 1999 का वह काला दिन, हमला पाक ने कर, लहू -लुहान कारगिल भू किया। लेह लद्दाख के “द्रास”क्षेत्र में, मचा दिया हाहाकार भयंकर।। 18 हजार फीट ऊॅंचाई पर, छिड़ा महा भयंकर युद्ध। विपरीत हालात मौसम के थे। फिर भी लड़े ,वीर हमारे जी जान से। । ”…

  • ग्रहों का कुंभ

    ग्रहों का कुंभ नीलाभित नभ में लगा, कुंभ ग्रहों का मीत।रूप राशि शशि को पुलक शुक्र निहारे रीत।। दिनकर हँस स्वागत करे, उषा रश्मि शुभ स्नान।सिंहासन आसीन गुरु, पा श्रद्धा-सम्मान।। राई-नौन लिए शनि, नजर उतारे मौन।बुध सतर्क हो खोजता, राहु-केतु हैं कौन? मंगल थानेदार ने, दिया अमंगल रोक।जन-गण जमघट सितारे, पूज रहे आलोक।। हर्षल को…

  • राम नाम का वृक्ष लगाओ | Ram Naam ka Vriksh

    राम नाम का वृक्ष लगाओ ( Ram naam ka vriksh lagao )    राम-नाम का वृक्ष लगाओ अपनें मन के भीतर, साफ स्वच्छ मन को रखों और प्यारा दो उत्तर। जन्म मरण तो अटल है सत्य कोई इससे न डर, फिर देखो यें जीवन तुम्हारा हो जाएगा बेहतर।। रहें सर्वदा सच के साथ चाहें कोई…

  • शिक्षक की अभिलाषा | Shikshak diwas par kavita

    शिक्षक की अभिलाषा ( Shikshak ki abhilasha )   चाह नहीं बी एल ओ बनकर, रोज गांव में टेर लगाऊं। चाह नहीं संकुल बी आर सी, चक्कर कांटू मेल बनाऊं।।   चाह नहीं डाकें भर भर के, बनूं बाबू सा मैं इतराऊं। चाह नहीं मध्यान्ह चखूं और, राशन पानी घर ले जाऊं।।   मुझे छोड़…

  • प्रथम महिला प्रधानमंत्री | Poem in Hindi on Indira Gandhi

    प्रथम महिला प्रधानमंत्री ( Pratham mahila pradhanmantri )    बचपन में पुकारते इन्दु प्रियादर्शिनी के नाम, श्री मती कमला नेहरू इनकी माता का नाम। श्री जवाहरलाल नेहरू की एक मात्र सन्तान, अनेंक उपलब्धियाॅं आपने की है अपने नाम।। आज भी मुॅंह बोलते आपके किये हुऍं काम, प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गाॅंधी महान। असहयोग आन्दोलन में…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *