कविताएँ

  • तुम बिन अधूरे हैं हम

    तुम बिन अधूरे हैं हम तेरी यादों में हर रोज़ जलते रहे,तेरी राहों में उम्मीदें पलते रहे।दिल में बस एक ही है ग़म,दिकु, तुम बिन अधूरे हैं हम। चाँद भी खोया है, रातें भी है सूनी,बिखरी हुई साँसों में ख्वाहिशें मैंने है बुनी।हर धड़कन लगती है जैसे भरम,दिकु, तुम बिन अधूरे हैं हम। सावन की…

  • बीएल भूरा की कविताएं | BL Bhura Poetry

    युवा पीढ़ी आज का भविष्य है उनके कंधों पर समाज की उम्मीदें हैं।उनके सपनों को पूरा करना हमारा कर्तव्य है। युवाओं में ऊर्जा और उत्साह का संचार है,वे समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।उनके पास समाज की समस्याओं का समाधान है। युवा पीढ़ी आज की सबसे बड़ी ताकत है,वे समाज को आगे…

  • अब चली आओ

    अब चली आओ तेरी राहों में हर दिन गुजरता है,तेरी यादों में हर पल सिसकता है,दिल को समझाऊँ कैसे,अब तुम ही बताओ,अब नहीं सहा जाता, बस जल्दी से चली आओ। सपनों में आकर फिर दूर चली जाती हो,दिल की पुकार को अनसुना कर जाती हो,बेकरार दिल को अब और ना तड़पाओ,अब नहीं सहा जाता, बस…

  • टूटते हुए परिवार-बेघर स्त्रियां

    टूटते हुए परिवार-बेघर स्त्रियां टूटते हुए परिवार की कहानी बहुत दर्दनाक है,बेघर स्त्रियों की जिंदगी बहुत मुश्किल है।वह अपने परिवार से दूर हो जाती है,और अपने बच्चों को अकेला छोड़ जाती है।उसकी जिंदगी में दर्द और पीड़ा होती है। बेघर स्त्रियों की जिंदगी बहुत संघर्षपूर्ण है,वह अपने परिवार के लिए संघर्ष करती है।लेकिन उसके संघर्ष…

  • सशक्त मैं समय हूँ

    सशक्त मैं समय हूँ वस्त्र मैं हूँ – अस्त्र मैं हूँ,शस्त्रों में शशक्त मैं हूं। धड़ कटे प्रलय मचे जो मैं रुकूं ना हो सके ये,समय मैं, समर्थ मैं जो रुकूं मैं ना हो सके ये। हो जाए संभव अगर यह बोलूं ना समय मैं खुदको,खंजरों-कटारों से जो सर्व शक्तिमानों से। बेड़ियों से जकड़ लो,तुम…

  • शिव पथ

    शिव पथ शिव पथ अतृप्ति का ऐसासुखद मार्ग है जिसमेंअभोग ,त्याग , आस्थाआदि सहायक होते है ।रोटी खाई, भूख बुझी नहीं ।पानी पिया, प्यास बुझी नहीं ।धन का अर्जन किया ,लालसा बुझी नहीं आदिक्योंकि इस क्षणिक तृप्तिके पीछे अतृप्ति काविशाल सुखद साम्राज्य हैजिससे प्यास बुझे कैसे?यह एक अबूझ पहेली है ।पदार्थ का भोग तृप्तिका आभास…

  • दिकु, अब लौट भी आओ

    दिकु, अब लौट भी आओ तू दूर गई तो साँसें भी रूठ गई हैं,आँखों की दुनिया वीरान होकर छूट गई हैं।तेरे बिना ये दिल बेज़ार सा है,हर लम्हा मेरा जैसे अंधकार सा है। हवा से कहूँ या बादलों से बोलूँ,तेरी यादों का किस्सा, मैं किस किस से तोलूँ?राहों में बैठा तेरा इंतज़ार करता हूँ,तू लौट…

  • समाज संगठन

    समाज संगठन समाज संगठन का महत्व बहुत अधिक है,यह हमारे समाज को मजबूत बनाता है।यह हमें एकजुट करता है,और हमारे समाज को आगे बढ़ाता है।यह हमारे समाज को संगठित करता है। समाज संगठन के बिना हमारा समाज कमजोर होगा,यह हमारे समाज को विभाजित करेगा।यह हमारे समाज को पीछे ले जाएगा,और हमारे समाज को कमजोर बनाएगा।यह…

  • महाशिवरात्रि की प्रार्थना

    महाशिवरात्रि की प्रार्थना हे महादेव, त्रिलोक के नाथ,आप हरते हैं हर भक्त का त्रास।सुनो मेरी भी करुण पुकार,लौटा दो दिकु को इस बार। जैसे मां पार्वती ने की तपस्या महान,सह लिया हर कठिन तूफ़ान।वैसे ही मेरा प्रेम है अडिग खड़ा,अब भी उसकी राह में है दीप जला। हे भोलेनाथ, कृपा बरसाओ,इस प्रेम की डोरी को…

  • आदर्श समाज एक परिकल्पना

    आदर्श समाज एक परिकल्पना आदर्श समाज की कल्पना करें,जहां हर व्यक्ति सम्मानित हो।जहां हर कोई अपने अधिकारों को जानता हो,और अपने कर्तव्यों को निभाता हो।जहां समाज में शांति और सौहार्द हो। आदर्श समाज में शिक्षा का महत्व होगा,हर व्यक्ति को शिक्षा का अधिकार होगा।जहां हर कोई अपने सपनों को पूरा कर सकेगा,और अपने लक्ष्यों को…