ghar ghar tiranga lahraye

आकाश में जब तिरंगा लहराता

आकाश में जब तिरंगा लहराता जब कोयल गीत सुनाती है।जब भंवरा नगमे गाता है।।पुरवाई शौर मचाती है।जब बादल झूम के आता है।। जब बात निकलती है हर सू ।दिलदारों की मतवालों की।।जब याद सताती है हमको।इस देश पे भरनें वालों की।। तोपों के दहन खुल जाते हैं ।बंदूके गरजनें लगती है ।।आकाश का दिल थर्राता…

हमारा संविधान

लेखक संविधान के

लेखक संविधान के हमारा संविधान हमें जीने का स्वतंत्र अधिकार देता हैहमारा संविधान हम सबको हमारा स्वाभिमान देता है।सबसे ज्यादा योगदान डॉ भीमराव अंबेडकर जी का रहा,जिसको पूरा देश संविधान का गौरव मान देता है।। प्रेम बिहारी नारायण रायजादा संविधान के सुलेखक है,नंदलाल बोस,राम मनोहर सिन्हा मूल संस्करण वेदक है।शांतिनिकेतन के कलाकारों द्वारा सुशोभित किया…

Ham sab ka abhiman tiranga

देशभक्ति

देशभक्ति हमारा तन-मन मिट्टी का गुणगान करता हैयही वह भूमि जिस पर अभिमान करता है जहाँ का हर बच्चा देश की सेवा करता हैंमॉ भारती के आँचल की रक्षा करता हैं कभी भी हम भारतीय डरते नहीं मौत सेसिहर जाते दुश्मन सारे हमारे खौफ से तीन रंग रंगीन कपडा नहीं ये हमारी शान हैलहराता हुआ…

महात्मा गांधी के महाप्रयाण दिवस

महात्मा गांधी के महाप्रयाण दिवस

महात्मा गांधी के महाप्रयाण दिवस अहिंसा को हम जीवन में लाए ।प्रभु को भीतर घट में बसा लें ।मोक्ष की और कदम बढ़ाये ।सद्ज्ञान की रोशनी जगा लें ।आत्मा के अज्ञान को हटायें ।क्रोध , मान , माया ,लोभ को छोड़े ।सबसे मैत्री , प्रेमभाव जगा लें ।जीवन की सौरभ को हम महकायें ।होनी को…

75th Republic Day

कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं

कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं कल गणतंत्र दिवस की भोर है,मेरा मन आत्म विभोर है।चारों ओर तिरंगे का शोर है,रंगोली लाइट द्वार सजे चारों ओर हैं।कल गणतंत्र दिवस की भोर हैं,मेरा मन आत्म विभोर है।। लहरा रहा तिरंगा देखो कैसी शान से,गूंजेगा कल देश गौरव गान से।सजा देश केसरिया श्वेत हरे रंग से,चारों ओर…

गणतंत्र दिवस : भारत का राष्ट्रीय पर्व

जय गणतंत्र

जय गणतंत्र सभी देशवासियों का एक ही मूल मंत्र ।संविधान की सुरक्षा हो जय गणतंत्र ।जय गणतंत्र! जय गणतंत्र! जय गणतंत्र! ना कोई भूखा रहे ना कोई प्यासा रहे ।स्वस्थ रहे भारत आरोग्य पाचन तंत्र ।जय गणतंत्र! जय गणतंत्र! जय गणतंत्र! सभी को न्याय मिले सभी को समता ।भेदभाव ना रहे ऐसा हो शासन तंत्र…

कविता जीवन की परिभाषा है

कविता जीवन की परिभाषा है

कविता जीवन की परिभाषा है दिल को छूकर कविता धड़कन बन जाती हैजुदाई में किसी रूह की तड़पन बन जाती हैबच्चा हंसता है तो कविता होठों पर मुस्काती हैहर किसी की आह में खुदा का खत बन जाती है। जब कोई बच्ची बस पानी पीकर सो जाती हैभूख की दारुण दशा देख कविता रो जाती…

गौरवान्वित भारत

गौरवान्वित भारत

“गौरवान्वित भारत” गौरवान्वित भारत का इतिहास लिखों,सर्वसम्मानित भारत की बात लिखों, उन बलिदानियों की राख सेदुश्मनों का विनाश लिखों, छल कपट से रहित अपने नयेभारत का इतिहास लिखों, गुलामी के जंजीर को तोड़वीरता का पहचान लिखों, रण में बैठी उन विरांगनाओं का त्याग लिखों, देश की आन के खातिर जान देने वालों का बारम्बार इतिहास…

खो-खो की विश्वविजय गाथा

खो-खो की विश्वविजय गाथा

खो-खो की विश्वविजय गाथा खो-खो के वीरों वीरांगनाओं को बधाई अपार।जिन्होंने एक साथ विश्वकप जीत लिया संसार।खो-खो विश्व कप की ये जीत क्षितिज तक जाए।भारत देश की जय-जयकार हर दिल में समाए।1तेजी,फुर्ती,जज्बे का ये सिलसिला थमने न पाए।हर गाँव गली से एक नया सितारा उभरकर आए।अभी तो बस शुरुवात है खो खो की विश्व पटल…

इन्सान तेरे-मेरे में उलझ जाता है

इन्सान तेरे-मेरे में उलझ जाता है

‘इन्सान तेरे-मेरे में उलझ जाता है’ हे इन्सान तू अकेला ही आता है,तथा अकेला जहाँ से चला जाता है।तू यहाँ सदैव कुछ खोता व पाता है,नित तेरे-मेरे में उलझता जाता है। हे इन्सान तू स्वयं का भाग्य-विधाता है,साँसों की चलती रहती है कहानी।मिलते तथा बिछड़ते हैं इस पथ में,तू छोड़ जाता है अपनी निशानी। केवल…