कविताएँ

  • मकर संक्रान्ति

    मकर संक्रान्ति मकर संक्रान्ति पर्व परहमारे जीवन में नवचिन्तन का सृजन होंऔर आशा हमारे जीवन केहर पल को उत्साह से भरती जायें ।क्योंकि सकारात्मक जीवनव चिंतन का अपना एकअलग ही आनंद और उत्साह है,इससे दुःख की धारा का प्रवाहस्वतः ही पड़ जाता मंद है ।मरना सिर्फ एक ही दिन परजीने के दिन तो अनेक है,सत्य…

  • देश पाल सिंह राघव ‘वाचाल’ की कविताएं | Deshpal Singh Poetry

    क्या हुआ आजतक जो भी किए वादों का क्या हुआसंग में चलने के इरादों का क्या हुआ उठ गए उस शाम काँधे से झटक के सरखट्टी-मीठी उन सभी यादों का क्या हुआ जिनके बहकावे में आकर रूठ गए थेआड़े-टेढ़े उन सभी प्यादों का क्या हुआ अल्लाह के दरबार में मांगी थीं जो कभीउन दुआओं और…

  • युवा शक्ति की प्रेरणा

    युवा शक्ति की प्रेरणा विश्व पटल पर आपसे, बढ़ा देश का मान।युवा विवेकानंद थे, भारत का अभिमान॥ युवा विवेकानन्द नें, दी अद्भुत पहचान।युवा शक्ति की प्रेरणा, करे विश्व गुणगान॥ जाकर देश विदेश में, दिया यही संदेश।धर्म, कर्म अध्यात्म का, मेरा भारत देश॥ अखिल विश्व में है किया, हिन्दी का उत्कर्ष।हिंदी भाषा श्रेष्ठ है, है गौरव,…

  • यह जग की रीत पुरानी है

    यह जग की रीत पुरानी है यह जग की रीत पुरानी हैयह जग की जीत पुरानी हैजो ना पाया बौराया हैजो पाया सो रोया हैयह जग की रीत पुरानी हैयह जग की गीत पुरानी है तेरे रह गुजर में हम नवीनकुछ यूं टूट पड़ेआंख से आंसू ना छलकापर जख्म बहुत गहरा हैयह जग की रीत…

  • हिन्दी बोलें हिन्दी पढ़ें

    हिन्दी बोलें हिन्दी पढ़ें तहजीब हमारी है हिंदीतस्वीर हमारी है हिंदीहर हिंदुस्तानी के रग रग में,बहती जो धार वो है हिंदी। संस्कृत से संचित है हिंदी,हर जन में बसती है हिंदी,हिन्दी का क्या मैं गुड़गान करूं,हर भाषा से प्यारी है हिन्दी। कवियों की भाषा में हिन्दी,शुक्ल की आशा है हिन्दी,हिन्दी पढ़कर मिलता है रस,भावों की…

  • प्यारी हिंदी

    प्यारी हिंदी मैं मिथिला का वो बेटा हूं, जिसे हिंदी से है यारी।मैं भाषी मैथिली हूं, फिर भी हिंदी प्राणों से है प्यारी।।मेरे धड़कन में लहरे हिंदी की बो गूंज है न्यारी।जिसे गाने को लालायित है दुनियां की हर नर नारी।। 1 कहीं हुंकार है दिनकर जी का है पंत से यारी।कहीं चौहान की गर्जन…

  • हिन्दी सजीव भाषा

    हिन्दी सजीव भाषा हिन्दी हमारी मातृभाषा हैहिन्दी हमारी राजभाषा हैहिन्दी से व्यवसाय हमाराहिन्दी हमारी लोकभाषा है । हिन्दी की है छाती चौड़ीसब भाषा इनके ओर दौड़ीसभी भाषा के शब्दों कोपरिवार जैसे अपनाया है । आराम , अफसोस…फारसी हैअमीर , गरीब…. अरबी हैचाय , पटाखा…. चीनी हैतोप , तलाश……तुर्की हैस्कूल, कॉलेज…अंग्रेजी हैआदि शब्दों को समाया है…

  • हिंदी हमारी प्यारी प्यारी

    हिंदी हमारी प्यारी प्यारी हिंदी हमारी प्यारी प्यारीहमारी राष्ट्रभाषा है न्यारीसाहित्य की है फुलवारीसरल सुबोध पर है भारी अंग्रेजी से जंग है जारीसम्मान की है अधिकारीहिंदी है पहचान हमारीये मातृभाषा है हमारी जन-जन की है भाषा हिंदीभारत की है आशा हिंदीहिंदुस्तान का गौरवगाथा हिंदीएकता की अनुपम परंपरा है हिंदी जिसके बिना हिंद थम जाएऐसी जीवन…

  • मेरी प्यारी हिन्दी

    मेरी प्यारी हिन्दी हिंदी भाषा का गुणगान कैसे करूं,हिंदी भाषा का बखान कैसे करूं।अपरिभाषित है मेरी हिंदी भाषा,परिभाषा ही नहीं परिभाषित कैसे करूं।। सबको मान व सम्मान हिंदी देती है,अपना नया रूप एक छोटी सी बिंदी देती है।हलन्त, पदेन, रेफ का महत्व होता है,गद्य पद्य के रूप नए-नए शब्द गढ़ देती है।। हिंदी अपनी सीमा…

  • चोरी कर के लिखता हूँ मैं

    चोरी कर के लिखता हूँ मैं क्या लूटा है मैंने बतला, झूठे क़िस्से गढ़ा ना करजन्मजात दौलत वाला हूँ, तौहमत यूँ ही मढ़ा ना कर भूखा-नंगा था ये कह कर, मियां बेइज्जती करता क्योंतू भी रंग जा मेरे रँग में, तिल का ताड़ बड़ा ना कर पहले ही से मैं बेचारा, मुश्किलात में घिरा हुआज़ख़्मों…