कविताएँ

  • अनजाना सफ़र | Anjana Safar

    अनजाना सफ़र  ( Anjana Safar ) महानगर के होटल की पच्चीसवीं मंज़िल से देख रही हूँ चलती हुई रेलगाड़ी को जो सर्पाकार घुमावदार लम्बाई में मानो अजगर सी रेंगती हो रेलगाड़ी के डिब्बे लगते हैं जैसे अजगर के शरीर पर पड़ी धारियाँ जिसने भी रेल का आविष्कार किया होगा उसके हृदय में एक बार तो…

  • भज ले राम | Bhaj le Ram

    भज ले राम ( Bhaj le Ram ) यह तो है माया का संसार। प्रभु नाम ही एकमात्र आधार। कर देता नैया भव से पार। रे बंदे! भज ले राम,भज ले राम, भज ले राम, रे बंदे! भज ले राम। कौन सुख ढूंढे बोल यहाँ तू? धधकता आग जगत ,इसे न छू। भस्म कर सब…

  • सकल सृष्टि के गुरु | Sakal Srishti ke Guru

    सकल सृष्टि के गुरु ( Sakal Srishti ke Guru ) हे महादेव, महेश, महेश्वर! सृष्टि के एक मात्र हैं गुरुवर। नमन ,नमन ,कोटि-कोटि है नमन।। आप से ही ज्ञान सब पाकर। गुरु का पद निभाते हैं जाकर। सत् का प्रकाश देते आप भर। हे महादेव, महेश ,महेश्वर ! सकल सृष्टि को तारने वाले। भोलेनाथ हैं…

  • राष्ट्रनिर्माता – शिक्षक

    राष्ट्रनिर्माता – शिक्षक कलम के महत्व को बताता है शिक्षक। जीवन स्तर को ऊपर उठाता है शिक्षक। जहाँ को बेहतर बनाने की करता कोशिश, बेहतर इंसान हमेशा बनाता है शिक्षक। स्वाभाविक विकास करता है शिक्षक। मानव मूल्यों की रक्षा करता है शिक्षक। दया मया भरा और होता है क्षमाशील, अच्छे राष्ट्र का निर्माण करता है…

  • 5 सितम्बर पर सुन्दर कविता | Teachers Day Special Poem

    5 सितम्बर पर सुन्दर कविता ( Teachers Day Special Poem ) अंधकार जीवन में दीपक जलाता। सत्य की राह पर जो है चलाता।। अच्छाई का जो पाठ है पढ़ाता। इंसान को इंसान जो है बनाता।। जिसका हर कोई करता है सम्मान। उसका हम सब करे हैं गुणगान।। अंधकार हमारे जीवन से मिटाया। शिक्षक ने कलम…

  • मै शिक्षक हूं | Main Shikshak Hoon

    मै शिक्षक हूं ( Main Shikshak Hoon ) शिक्षक बनके एक सुसंस्कृत समाज बनाना चाहती हूं मैं ज्ञान की पूंजी देकर योग्य मानव बनाना चाहती हूं मैं समाज में आत्मविश्वास का दीप जलाकर मुश्किलों से लड़ना सिखाती हूं मैं मन क्रम वचन से बाती बन खुद जलकर ज्ञान का प्रकाश फैलाना चाहती हूं मैं कोरे…

  • गुरूजी की महिमा | Guruji ki Mahima

    गुरूजी की महिमा ( Guruji ki Mahima ) आधी जीवन बीत गई यूं हीं कविता लिखने में फिर भी इच्छा होती है जीवन बीता देता कुछ सीखने में यही है मेरा अरमान । गुरूदेव जी के असीम निर्मल भाव से मैंने कुछ जान पाया जिसने कहा प्रार्थी बनो जिससे मिलेगा जग में सम्मान ओमप्रकाश जी…

  • शिक्षक न होते | Shikshak na Hote

    शिक्षक न होते ( Shikshak na hote ) शिक्षक ना होते तब क्या होता ? ये सुंदर , सभ्य संसार ना होता । होने को सब कुछ होता पर , विज्ञान का विस्तार ना होता । फूल भी होती , बाग भी होता , पर वो खुशबूदार ना होता । शिक्षक से ही सुगंध है…

  • जिन्दगी पहलू नहीं पहेली है

    जिन्दगी पहलू नहीं पहेली है जिन्दगी परिणाम कम परीक्षा ज्यादा लेती है, खुशियों से खेलती बहुत, दुख ज्यादा देती है। इरादों पर बार बार चोट कर निराशा जगाती , जब हों हताश, निराशा में आशा उपजा देती है। कभी निहारती अपने को, कभी भूल जाती श्रृंगार करती हो बेखबर, प्रेम जगा देती है वक्तव्य कब…

  • कामना | Kamna

    कामना ( Kamna ) हर व्यक्ति की कामना होती है इसके लिए अपनी सोच होती है हमें लक्ष्य समझना चाहिए सफलता के यत्न करने चाहिए। चाह के प्रति यकीन होना है पाने के लिए श्रम करना है इससे उन्नति शिखर पाती है जीवन में श्रेष्ठता लाती है। विकास के लिए कार्य करो उन्नति के लिए…