कविताएँ

  • उत्तम शौच | Uttam Sauch

    उत्तम शौच ( Uttam Sauch ) उत्तम शौच~ भावों की पवित्रता दिल में रख ● मन है चंगा~ हृदय के भीतर पावन गंगा ● अन्तःकरण~ तन के साथ मन शुद्धिकरण ● कर तू ध्यान~ लोभ की तलवार रख तू म्यान ● एक आधार~ मनुष्य जीवन में शुद्ध विचार ● निर्मल जैन ‘नीर’ ऋषभदेव/राजस्थान यह भी…

  • लौट आओ ना | Laut Aao Na

    लौट आओ ना ( Laut Aao Na ) हर आहट पे दिल को सुकून सा आता है, तेरी यादों में अब भी दर्द जगमगाता है। लौट आओ ना, ये दिल बस यही पुकार करे, तुझ बिन हर एक लम्हा बस खाली सा रह जाता है। हर ख्वाब में तुम ही हो, हर बात में तेरा…

  • मन की उलझन | Man ki Uljhan

    मन की उलझन ( Man ki Uljhan ) मन को क्यों,उलझाना भाई ? मन से नहीं है ,कोई लड़ाई । मन की उलझन ,को सुलझायें । गांठ सभी अब ,खुल ही जायें । लायें बाहर अब, गुबार सारे । जिससे मिटें ,संताप हमारे । मन को , जितना उलझायेंगे । उतना कष्ट , हम ही…

  • मायड़ की ममता | Maayad ki Mamta

    रब बुला दो दुनिया से दिल भर गया रब बुला दोदुनिया से दिल उठ गया अब बुला दो बंद मुठ्ठी आया ख़ाली हाथ जाना जीना नहींदुनिया से दिल ऊब गया रब बुला दो बिना लंगोटी नंगे बदन आया कफ़न ओढ़ जाऊंगादुनीया से दिल बदल गया रब बुला दो छल कपट झपट कर धन दोलत जोडी…

  • यादों की चुभन | Yaadon ki Chubhan

    यादों की चुभन ( Yaadon ki Chubhan ) आज फिर तेरी यादों का समंदर उमड़ आया है, हर लहर ने बस तेरा ही अक्स दिखाया है। दिल जैसे टूटकर बिखर रहा हो अंदर-अंदर, तेरे बिना इस मन ने हर पल ख़ुद को पराया पाया है। हर आह में तेरा नाम ही सिसकता है, आँसुओं में…

  • प्रभु हेतु प्रेम पाती | Love for the Lord

    प्रभु हेतु प्रेम पाती कोई तो पहुंचा दो, मेरे प्रेम की पांति। नील गगन के पार, रहते हैं मेरे साथी। कोई तो पहुंचा दो, मेरे प्रेम की पांति।। लिखी हूंँ अंँसुवन जल से। हृदय के अंतस्थल से। तपे हृदय कुम्हार की, अंवे की है भांति। कोई तो पहुंचा दो, मेरे प्रेम की पांति।। उनसे आप…

  • गणेश वंदन | Ganesh Vandana

    गणेश वंदन ( Ganesh Vandana ) ऊँ गं गणपतये सर्व कार्य सिद्धि कुरु कुरु स्वाहा ऊँ……. आज गणपत पधारे है, आज गणपत पधारे द्वार सभी मिलकर दर्शन लो..-2 आज गणपत पधारे द्वार सभी मिलकर दर्शन लो….-2 रिद्धि-सद्धि के दाता कार्तिकेय के भ्राता-2 पार्वती सुत नंदन नमस्तु प्रमोदन् गणनायक गजानंदन सिद्धिविनायक पधारे है-2 आज गणपत पधारे…

  • 222 वां आचार्य श्री भिक्षु चरमोत्सव दिवस

    222 वां आचार्य श्री भिक्षु चरमोत्सव दिवस प्रातः स्मरणीय क्रांतिकारी वीर भिक्षु स्वामी को आज उनके 222वें चरमोत्सव दिवस पर भाव भरा वंदन । महामना आचार्य श्री भिक्षु को शत – शत श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए चरमोत्सव दिवस पर मेरे भाव……..…. करे तन्मय बनकर भिक्षु स्वामी का स्मरण । इससे बढ़कर और कोई दूसरा नहीं…

  • सोचो तो सही | Socho to Sahi

    सोचो तो सही ( Socho to Sahi ) सोचो तो सही, होगा वही । सोचेंगे जो भी , मिलेगा वही । सोचना है ज़रूरी , हर कामना होगी पूरी । छू लोगे ऊंचाई , सोच को बदलो भाई । पूरा होता है , हर सपना । बस ज़रूरी है , सपने देखना । मिलेगी अवश्य…

  • आस का दामन | Aas ka Daman

    आस का दामन ( Aas ka Daman ) आस का दामन, मत छोड़ो । वक्त की तरह, तुम भी दौड़ो । जो टूट गया, फिर से जोड़ो । यदि आस ,तुम्हारी टूट गई । समझो कि, ज़िन्दगी रूठ गई । ख़ुद पर तुम, पूरी आस रखो । सब पाओगे , विश्वास रखो । होगा पूरा,…