कविताएँ

  • वही खत वही दीवानगी चाहिए

    वही खत वही दीवानगी चाहिए वही खत वही दीवानगी चाहिए दोस्त बचपन का वह सादगी भरी जिंदगानी चाहिए खेल सकुं गुल्ली डंडा, छुपन छुपाई, गुड्डे गुड़ियों के साथ ऐसी वर्दान कि रब से मेहरबानी चाहिए वही खत वही,,,,,,, नहीं चाहिए माया ममता नहीं मकड़जाल कि जिंदगानी चाहिए वह खेल वह बचपन वह गांव कि हावा…

  • जीना मरना | Kavita Jeena Marna

    जीना मरना ( Jeena Marna )   घुट घुट कर जीने से मरना बेहत्तर घुटने टेक कर जीने से मरना बेहत्तर अकेले आये हो आज़ाद बन कर जीना ग़ुलाम बन कर जीने से मरना बेहत्तर सिर ऊंचा कर जीओ अदब एह़तराम से बेज़मीर बन कर जीने से मरना बेहत्तर पराये मह़ल से अपनी झुग्गी झौंपड़ी…

  • हे राम तुम्हारे भारत में

    हे राम तुम्हारे भारत में मर्यादा का अंत हो रहा कैसा ये षड्यंत्र हो रहा ! जाति-धर्म मजहब में बंटकर मानवता का अंत हो रहा!! दुर्जन का उत्थान हों रहा सज्जन अब निष्प्राण हो रहा! अबला संग दुष्कृत्य हो रहा ऐसा क्यों कुकृत्य हो रहा!! हे राम तुम्हारे भारत में दानव क्यों उन्मत्त हो रहा…

  • मन | Kavita Man

    मन ( Man )   मत पूछो ये चंचल मन , भला कहां कहां तक जाएं कभी पुरानी यादों में झांके, कभी कही यूहीं खो जाएं ।। कभी अकेला ही मस्त रहें, कभी ये तन्हां महसूस करें कभी ढूंढे किसी का साथ कभी अलग थलग हो जाएं।। मत पूछो इस मन की तुम ये क्या…

  • जय तुलसी मैय्या | Kavita Tulsi Maiya

    जय तुलसी मैय्या ( Jay Tulsi Maiya )   बड़ा ही सुन्दर बड़ा ही पावन है यह त्योंहार, माॅं लक्ष्मी धरा पधारी लेकर तुलसी अवतार। कार्तिक शुक्ल‌-पक्ष एकादशी दिन शानदार, आशीष भक्तों पर बरसता इसरोज भरमार।। मंगल कार्यों का इस-रोज से होता शुरुआत, तुलसी-द्वार सालिगराम पधारे लेकर बारात। भक्ति की पावन प्रथा नाचते गाते सारी…

  • धेनु की करुण पुकार

    धेनु की करुण पुकार मैं धेनु अभागन तड़प रही कोई तो मेरी रक्षा कर मैं घूम रही मारे-मारे अब तो अनुग्रह की वर्षा कर मुझे पेट की कोई पड़ी नहीं बस प्राण हमारा तुम बख्शो मेरी मजबूरी को जान स्वयं मानव मेरी तुम लाज रखो मुझे त्रेता द्वापर में पूजा माँ की गरिमा पाई थी…

  • ई वी एम का बटन दबाना है

    ई वी एम का बटन दबाना है   चलो पड़ोसी आज सुबह,हमें ईवीएम बटन दबाना है। जनता का विश्वास जीत,अब नई सरकार बनाना है। बेरोजगारी को जड़ से मिटा,भारत  संपन्न बनाना है। बेटा बेटी दादा दादी मम्मी पापा संग जाना है। अपना अधिकार जान कर,अब ईवीएम बटन दबाना है। अपने मर्जी के हैं मालिक, अपनी…

  • कभी तुम भी | Kavita Kabhi Tum Bhi

    कभी तुम भी ( Kabhi Tum Bhi )   तौल तो लेते हो हर किसी को देखकर कभी खुद को भी तौल लिया करो बोल तो देते हो जो आये जबान पर कभी खुद के लिए भी बोल लिया करो उसके बनाई का श्रम मालूम है उसे उस जैसी मेहनत खुद भी कर लिया करो…

  • मुझे संभालो | Mujhe Sambhalo

    मुझे संभालो  ( Mujhe Sambhalo )   मुझे संभालो न मेरे दोस्त अमानत की तरह पडा़ रहने दो मुझे यहाँ आफत की तरह इस कदर सबके सीने में उतर जाउंगा मैं की छोड़ न पाओगे मुझे आदत की तरह|| याद रखो मुझे तुम एक कहावत की तरह छोड़ना नहीं कभी मुझे बगावत की तरह यूँ मुसाफ़िर…

  • दर्दे वेवफा | Dard- e – Bewafa

    दर्दे वेवफा ( Dard-e bewafa ) दर्दे वेवफा कुछ वफा कीजिये हाँ नहीं कह सको तो न ना कीजिये अपनो से युद्ध करना सरल भी नही अमृत न मिले गर गरल ही सही उम्र भर साथ देना गर वश मे नही दो कदम साथ मेंरे चला कीजिये प्रेम मेरा गलत राह दिखाता नही गलत बात…