ग़ज़ल

  • हमने देखा है | Humne Dekha Hai

    हमने देखा है मुस्कुराते गुलाब की मानिंद।हर ख़ुशी है शराब की मानिंद। हमने देखा है ग़ौर से इसको।ज़िन्दगी है ह़बाब की मानिंद। धुन है गर आसमान छूने की।बनिए ज़िद्दी उ़क़ाब की मानिंद। कैसे ढालूं मैं हाय रे ख़ुद को।चश्मे-जानां के ख़्वाब की मानिंद। कोई सानी ही जब नहीं उनका।किसको लिक्खूं जनाब की मानिंद। मिल न…

  • नज़र ने बोल दिया

    नज़र ने बोल दिया नज़र ने बोल दिया बू-ए-हाथ से पहलेन जाने किस से मिला है वो रात से पहले वो मेरे साथ ही ग़मगीन सा नज़र आयाजो हँस रहा था बड़ा मेरे साथ से पहले मुझे लगा ही था ये बात होने वाली हैसो देखना था तेरा हाल बात से पहले ख़बर बुरी ही…

  • वो मिलें जो मुझे | Wo Mile jo Mujhe

    वो मिलें जो मुझे हो गई आँख़ नम फिर हँसाने के बाद ।वो मिलें जो मुझे इक ज़माने के बाद ।।१ गीत जिनकी विरह में लिखे थे कभी ।दौड़ आए वही गुनगुनाने के बाद ।।२ खुश बहुत था जिन्हें साथ पाकर यहाँ ।चल दिए आज वो जुल्म़ ढा़ने के बाद ।।३ क्या क़मी थी वफ़ा…

  • हमको नसीब अपना यहाँ ग़मज़दा मिला

    हमको नसीब अपना यहाँ ग़मज़दा मिला हमको नसीब अपना यहाँ ग़मज़दा मिलाहर रोज़ इक नया ही हमें मसअला मिला उल्फ़त कहाँ थी अपनों से तेग़-ए-जफ़ा मिलाचाहत बहुत थी यार न हर्फ़-ए-दुआ मिला नालायकों को जब किया घर से है बेदखलअपना ही ख़ून हमको ये फिर चीख़ता मिला बूढ़े शजर को छोड़ के सब लोग चल…

  • जो ज़ख़्म बेनिशां थे वो नासूर हो गए

    जो ज़ख़्म बेनिशां थे वो नासूर हो गए हम क्या ह़रीमे-नाज़ से कुछ दूर हो गए।जो ज़ख़्म बेनिशां थे वो नासूर हो गए। सब इ़ज्ज़ो-इन्किसार ही काफ़ूर हो गए।मसनंद नशीं वो क्या हुए मग़रूर हो गए। बेचैन उनके इ़श्क़ ने इतना किया के बस।हम उनसे बात करने को मजबूर हो गए। वो संग थे यूं…

  • दुश्मनी अपनी भी तो पुरानी नहीं

    दुश्मनी अपनी भी तो पुरानी नहीं दुश्मनी अपनी भी तो पुरानी नहींबात ये और की उसने मानी नहीं मत कहो प्रेम की अब कहानी नहींसेतु वो प्रेम की क्या निशानी नहीं इश्क़ में चोट अब मुझको खानी नहींरात करवट में सारी बितानी नहीं जिस तरह बाप से बात करते हैं वेयूँ समझ आँख में आज…

  • जब भी कोई कहीं बिखरता है

    जब भी कोई कहीं बिखरता है जब भी कोई कहीं बिखरता हैअक़्स माज़ी का खुद उभरता है क्यूँ रखूँ ठीक हूलिया अपनाकौन मेरे लिए संवरता है चाहतें कब छिपी ज़माने मेंक़ल्ब आँखों में आ उतरता है वस्ल में हाले-दिल हुआ ऐसापेड़ झर झर के जब लहरता है बात कर लेना हल नहीं लेकिनजी में कुछ…

  • बिन तेरे | Bin Tere

    बिन तेरे बिन तेरे मुझे आज भी जीना नहीं आया।बैरी सा लगे अब तो मुझे अपना ही साया।। कोशिश तो बहुत कर ली  भुलाने की तुम्हें  पर,इक तेरे सिवा दूजा कोई  दिल को न भाया।। कैसे मिले राहत मिरे टूटे हुए दिल को,कोशिश तो  मेरी हो गई जब सारी ही  ज़ाया।। हम आस लिए बैठे…

  • सीखी है अय्यारी क्या

    सीखी है अय्यारी क्या सीखी है अय्यारी क्याइस में है फ़नकारी क्या सब से पंगा लेते होअ़क्ल गई है मारी क्या ऐंठे-ऐंठे फिरते होशायर हो दरबारी क्या लगते हो भारी-भरकमनौकर हो सरकारी क्या जाने की जल्दी में होकरली सब तय्यारी क्या तोपें खींचे फिरते होकरनी है बमबारी क्या सबको धोखा देते होअच्छी है मक्कारी क्या…

  • बदले की कहानी किसलिए

    बदले की कहानी किसलिए ( Badle ki Kahani Kisliye ) वक़्त दुहराता है बदले की कहानी किसलिएदिल दुखायें जो वो बातें दिल में लानी किसलिए ज़ुल्म ढ़ाकर मेरे दिल पर रो रहे हैं आप क्यों,मेरे बंजर दिल पे आख़िर मेहरबानी किसलिये । जब मुकम्मल ही नहीं होने ये किस्से इश्क़ केफिर शुरू मैं भी करूँ…