ग़ज़ल

  • वो निशानी दे गया | Wo Nishani de Gaya

    वो निशानी दे गया ( Wo Nishani de Gaya ) ज़र्द चेहरा वो निशानी दे गयाबे सबब सी ज़िन्दगानी दे गया उम्र भर जिसको समझ पाए न हमइतनी मुश्किल वो कहानी दे गया खूँ चका मंज़र था हर इक सू मगरकोई लम्हा शादमानी दे गया जाते जाते वो हमें यादों के साथखुश्बुएं भी जाफ़रानी दे…

  • हमसे शिक़ायत कैसी

    हमसे शिक़ायत कैसी जुर्म की जब हो हुकूमत तो वकालत कैसीपूछते लोग हैं फिर हमसे शिक़ायत कैसी दुनिया वाले जो करें प्रेम तो अच्छा लेकिनजब करें हम तो कहे लोग मुहब्बत कैसी दिल बदलते हैं यहां लोग लिबासों की तरहहमने बदला है अगर दिल तो क़यामत कैसी लोग यूं ही तो नहीं मरते हैं हम…

  • मुस्कुराने के बाद | Muskurane ke Baad

    मुस्कुराने के बाद ( Muskurane ke Baad ) दिल की महफ़िल से मुझको उठाने के बादकोई रोता रहा मुस्कुराने के बाद उनके तीर – ए – नज़र का बड़ा शुक्रियाज़िन्दगी खिल उठी चोट खाने के बाद हौसलों को नई ज़िंदगी दे गयाएक जुगनू कहीं झिलमिलाने के बाद उसने दीवाना दिल को बना ही दियाइक निगाह…

  • माँगने लगे | Mangne Lage

    माँगने लगे ( Mangne lage ) जो देखे थे कभी, सभी वो ख़्वाब माँगने लगेवफ़ाओं का भी हाय, वो हिसाब माँगने लगे कली-कली को चूमते थे भौंरे शाख़-शाख़ पर,मगर जो देखे गुल तो फिर गुलाब मांगने लगे। भुलाके राह सच की, थे गुनाहों के जो देवतामुसीबतें पड़ी तो वो निसाब माँगने लगे चले वफ़ा की…

  • हिमायत में आ गये

    हिमायत में आ गये सारे अज़ीज़ उनकी हिमायत में आ गयेमजबूर होके हम भी सियासत में आ गये हाँलाकि ख़ौफ़ सबको सितमगर का था बहुतकुछ लोग फिर भी मेरी वकालत में आ गये इतने हसीन जाल बिछाये थे आपनेहम ख़ुद शिकार होके हिरासत में आ गये सोचा नहीं नशे में हुकूमत के आपनेअहबाब इतने कैसे…

  • दुश्मनों पे वार कर लूँ

    दुश्मनों पे वार कर लूँ आज खुल कर दुश्मनों पे वार कर लूँउनकी ख़ातिर ख़ुद को मैं अख़बार कर लूँ रफ़्ता-रफ़्ता मैं तुम्हीं से प्यार कर लूँजब तलक साँसे हैं मैं इकरार कर लूँ प्यार कर लूँ कुछ मैं अब तक़रार कर लूँउल्फ़तों से ज़ीस्त ये गुलज़ार कर लूँ वो दवा देंगे यक़ीनन आ के…

  • पढ़ाया गया मुझे

    पढ़ाया गया मुझे पहले तो सच का पाठ पढ़ाया गया मुझेफिर झूठ का वकील बनाया गया मुझेहुस्ने मतला–कल बदनुमा सा दाग़ बताया गया मुझेजब वक़्त आ पड़ा तो बुलाया गया मुझे मज़हब के नाम मरना भी कार-ए-सबाब हैसूली पे इतना कह के चढ़ाया गया मुझे मुद्दत से इक उजाले की जिनको तलाश थीसूरज बता के…

  • तेरा इक दिवाना हूँ

    तेरा इक दिवाना हूँ तेरा इक दिवाना हूँ क़ाफ़िर नहीं हूँअसल में जो मैं हूँ वो जाहिर नहीं हूँ जुबाँ हूँ अदा-ए-फिजा हूँ फ़ना हूँयक़ीनन मैं जो हूँ क्यों आखिर नहीं हूँ जहाँ तक तिरा साथ मुझको चलूँगायुँ कुछ वक्त का मैं मुसाफ़िर नहीं हूँ लिखूँगा मैं लिखता नया ही रहूँगाथकूँ राह में ऐसा शाइर…

  • अदाएं तुम्हारी | Adayein Tumhari

    अदाएं तुम्हारी ( Adayein Tumhari ) लुभाती हैं दिल को अदाएं तुम्हारी।रुलाती हैं लेकिन दग़ाएं तुम्हारी। गुमां पारसाई का होता है इनमें।निराली हैं दिलबर ख़ताएं तुम्हारी। किए इस क़दर हमपे अह़सान तुमने।भुलाएंगे कैसे वफ़ाएं तुम्हारी। बजाए शिफ़ा के बढ़ाती हैं ईज़ा।पिएं किस तरह़ हम दवाएं तुम्हारी। मुह़ब्बत से कानों में कहते थे जो तुम।वो बातें…

  • प्यार करने की ज़माने से इजाज़त ली है

    प्यार करने की ज़माने से इजाज़त ली है प्यार करने की ज़माने से इजाज़त ली हैहमने ख़ुद मोल बिना बात ही आफ़त ली है है मुनासिब कहाँ हर रोज़ बहाना आँसूहमने कुछ दिन के लिए ग़म से रिआयत ली है मुफ़लिसों का नहीं कोई भी सगा दुनिया मेंसारी दुनिया ने ग़रीबों से अदावत ली है…