ग़ज़ल

  • ज़माने के चलन | Zamane ke Chalan

    ज़माने के चलन ( Zamane ke Chalan ) ज़माने के चलन ही सीख यह हमको सिखाते हैंकिसी को याद रखते हैं किसी को भूल जाते हैं छलकते हैं किसी की आँख से हर वक़्त पैमानेमुहब्बत से हमें हर बार वो जी भर पिलाते हैं न जाने कौन सा वो गुल खिलाने पर हैं आमादाअदाओं से…

  • कुछ नज़ीरों से

    कुछ नज़ीरों से ये बात आज भी साबित है कुछ नज़ीरों सेगये हैं शाह सुकूँ माँगने फ़क़ीरों से क़दम बढ़ाने से मंज़िल करीब आती हैउलझ रहा है तू क्यों हाथ की लकीरों से बहुत दिनों से है बरबाद ज़िन्दगी अपनीलड़ाई कितनी लड़ें अपने हम ज़मीरों से किया है सामना कुछ यूँ भी तंग दस्ती कालिबास…

  • बिजलियां | Bijliyan

    बिजलियां ( Bijliyan ) किस क़दर रक़्स़ां हैं हाय बहरो-बर में बिजलियां।ख़ौफ़ बरपा कर रही हैं दिल-जिगर में बिजलियां। जिनकी हैबत से लरज़ता है बदन कोहसार का।बन्द हैं ऐसी तो मेरे ख़स के घर में बिजलियां। या ख़ुदा मेह़फ़ूज़ रखना , आशियाने को मिरे।वो गिराते फिर रहे हैं शहर भर में बिजलियां। क्या डरेंगे हम…

  • मेरी तनहाई | Meri Tanhai

    मेरी तनहाई ( Meri Tanhai ) दिल के अन्दर है मेरी तनहाईगहरा सागर है मेरी तनहाई क़द्रो-क़ीमत न कोई अश्कों कीजैसे पत्थर है मेरी तनहाई हो ज़माना भले सितमगर यहइक सिकंदर है मेरी तनहाई वो उजाला करे उदासी मेंइक दिवाकर है मेरी तनहाई यादें तेरी अगर हैं नश्तर सीमेरी दिलबर हैं मेरी तनहाई ओढ़ती और…

  • फ़ौरन संभाल लेता है

    फ़ौरन संभाल लेता है वो गुफ़्तगू में मिसालों को डाल लेता हैबिगड़ती बात को फौरन संभाल लेता है बढ़ेगा कैसे मरासिम का सिलसिला उससेज़रा सी बात पे आँखे निकाल लेता है छुपाना उससे कोई राज़ है बड़ा मुश्किलवो बातों बातों में दिल भी खंगाल लेता है कशिश अजीब सी रहती है उसके लहजे मेंहरेक शख़्स…

  • हुए हैं किसी के

    हुए हैं किसी के करम जब से हम पर हुए हैं किसी केमज़े आ रहे हैं हमें ज़िन्दगी के पड़े हम को मँहगे वो पल दिल्लगी केफँसे प्यार में हम जो इक अजनबी के किया उसने दीवाना पल भर में मुझकोहुनर उस पे शायद हैं जादूगरी के निगाहों से साग़र पिलाने लगे वोमुक़द्दर जगे आज…

  • नफ़रतों के ये नजारे नहीं अच्छे लगते

    नफ़रतों के ये नजारे नहीं अच्छे लगते नफ़रतों के ये नजारे नहीं अच्छे लगतेखून से लिपटे हमारे नहीं अच्छे लगते कद्र -जो मात- पिता की न किया करते हैंअपने ऐसे भी दुलारे नहीं अच्छे लगते जान लेती हैं हमारी ये अदाएँ तेरीयूँ सर -ए बज़्म इशारे नहीं अच्छे लगते जिनमें ज़हरीले से दाँतों की रिहाइश…

  • यार तू हँसना हसाना छोड़ दे

    यार तू हँसना हसाना छोड़ दे यार तू हँसना हसाना छोड़ देलोगो की बातों में आना छोड़ दे इस तरह तू मुस्कराना छोड़ देगम को अपने तू छुपाना छोड़ दे अब न राधा और मीरा है कोईश्याम तू बंशी बजाना छोड़ दे प्यार भी ये इक बला है मान करगीत उल्फ़त के सुनाना छोड़ दे…

  • रौशन करें | Roshan Karen

    रौशन करें ( Roshan Karen ) तीरगी में प्यार का ऐसा दिया रौशन करेंहो उजाला जिसका हर सू वो वफ़ा रौशन करें लुत्फ़ आता ही कहाँ है ज़िन्दगी में आजकलमौत आ जाए तो फिर जन्नत को जा रौशन करें मतलबी है ये जहाँ क़ीमत वफ़ा की कुछ नहींहुस्न से कह दो न हरगिज़ अब अदा…

  • कल रात | Kal Raat

    कल रात ( Kal Raat ) ज़िन्दगी धूप सी लगी कल रातइस तरह बेबसी दिखी कल रात जिसको देखा नहीं सँवरते मैंवो भी सज-धज के तो मिली कल रात मिलने बेचैन हो गया दिल तोरात भी जो कटी नही कल रात ज़िन्दगी से जिन्हें शिकायत थीखुशियां उनमें मुझे दिखी कल रात ज़िन्दगी भर का साथ…