ग़ज़ल

  • कौन देता सहारा किसी को

    कौन देता सहारा किसी को कौन देता सहारा किसी कोलोग जीते हैं अपनी ख़ुशी को रश्क करने लगे तुझ से दुनियाइतना रंगीन कर ज़िन्दगी को इक मुसाफ़िर ने दिल में उतर करदिल से बाहर किया है सभी को मिन्नतें कर के तौबा भी कर लीछोड़िए आप अब बरहमी को झुक गये वक़्त के फ़ैसले पररोते…

  • अपनी आँखों में आसूँ खुशी के

    अपनी आँखों में आसूँ खुशी के अपनी आँखों में आसूँ खुशी केस्वप्न सच हो गये ज़िन्दगी के उनके आते ही आयीं बहारेंलौट आये हैं दिन आशिकी के कुछ तो मजबूरियां होगीं उनकीपास जाते न यूँ वो किसी के बात क्या है जो तू डर रहा हैतूने देखे हैं दिन बेबसी के जिन बहारों का मौसम…

  • हर तरफ़ उजाला है | Har Taraf Ujala Hai

    हर तरफ़ उजाला है ( Har Taraf Ujala Hai ) आज जो हर तरफ़ उजाला हैमेरी ग़ज़लों ने रंग डाला है रोज़ करता हूँ मैं ग़ज़ल गोईशायरों का यही निवाला है हमने पुरखों की इस विरासत कोजैसे तैसे भी हो सँभाला है तब कहीं जाके शायरी आईदिल के भीतर बहुत खँगाला है लोग उड़ने लगें…

  • कोई अपना तो जग में हुआ ही नहीं

    कोई अपना तो जग में हुआ ही नहीं कोई अपना तो जग में हुआ ही नहींप्यार क्या है मुझे यह पता ही नहीं आज वो भी सज़ा दे रहें हैं मुझेजिन से अपना कोई वास्ता ही नहीं मैं करूँ भी गिला तो करूँ किसलिएकोई अपना मुझे तो मिला ही नहीं जिनसे करनी थी कल हमको…

  • दीद-ए-तर | Dida-e-Tar

    दीद-ए-तर ( Dida-e-Tar ) वो मेरे लिए दीद-ए-तर है के नहीं है।उल्फ़त का मिरी उसपे असर है के नहीं है। रस्मन तो उसे आना था फिर भी नहीं आया।उसको मिरे मरने की ख़बर है के नहीं है। तारीकियों इतना तो बता दो कभी मुझको।शाम-ए-ग़मे-हिज्रां की सह़र है के नहीं है। आजाऊंगा,आजाऊंगा इतनी तो ख़बर दो।मेह़फ़िल…

  • ग़म-ए-इ़श्क़ | Gham-e-Ishq

    ग़म-ए-इ़श्क़ ( Gham-e-Ishq ) पहले पत्थर सा कलेजे को बनाया होगा।तब कहीं उसने ग़म-ए-इ़श्क़ छुपाया होगा। ख़ूब कोहराम हर इक सम्त मचाया होगा।जब ह़सीं रुख़ से नक़ाब उसने हटाया होगा। याद जब मेरी उसे भूल से आयी होगी।आबे-चश्म-उसने बहुत देर बहाया होगा। सांस तारों की भी थम सी गई होगी वल्लाह।चांदनी शब में वो जिस…

  • ज़िन्दगी यूँ थमी नहीं होती

    ज़िन्दगी यूँ थमी नहीं होती ग़ुम हमारी ख़ुशी नहीं होतीज़िन्दगी यूँ थमी नहीं होती अपनी मंज़िल अगर हमें मिलतीआँख में फिर नमी नहीं होती साथ देते अगर जहां वालेदूर वो भी खडी नहीं होती मेरे रब का करम हुआ ये तोहाथ मंहदी लगी नहीं होती। तुमको मालूम ही नहीं शायदज़िन्दगी सुख भरी नहीं होती जबसे…

  • दिल है ये अब तेरे हवाले

    दिल है ये अब तेरे हवाले ठुकरा दे इसे चाहे तू या अपना बना लेमहबूब मेरा दिल है ये अब तेरे हवाले उन पर भी नज़र डाल कभी ऐ मेरे मौलामिलते हैं जिन्हें खाने को बस सूखे निवाले मझधार में है नाव मेरी जग के खिवैयाऐ श्याम ज़रा आके मुझे अब तू बचाले सूरत पे…

  • तूने ख़त उसका गर पढ़ा होगा

    तूने ख़त उसका गर पढ़ा होगा तूने ख़त उसका गर पढ़ा होगानाम तेरा नया रखा होगा उस जगह कौन दूसरा होगाजिस जगह पर तू अब खडा होगा उसके होठों से नाम सुनकर तोफूल दिल में कोई खिला होगा उसने जब कल छुआ बदन तेराकुछ तो एहसास फिर हुआ होगा वक्त पर जो न आयी मिलने…

  • प्यार हम बार बार करते हैं

    प्यार हम बार बार करते हैं यूँ ख़िज़ां को बहार करते हैंप्यार हम बार बार करते हैं मिलना होता है जब किसी से हमेंअक्ल को होशियार करते हैं कैसे जाऊं न बज़्म में उनकीरोज़ वो इंतज़ार करते हैं जो भी आता है ख़ुद निशाने परहम उसी का शिकार करते हैं प्यार मैं सिर्फ़ उनसे करता…