ग़ज़ल

  • नज़र नहीं आता | Nazar Nahi Aata

    नज़र नहीं आता ( Nazar nahi aata )   वो मुझे कहीं भी अब तो नज़र नहीं आता ? यूं सकून दिल को मेरे मगर नहीं आता वो सनम न जानें मेरा किस हाल में होगा कोई भी उसी की लेकर ख़बर नहीं आता ए ख़ुदा बता क्या ग़लती हुई मुझी से है क्यों मगर…

  • उनका किरदार | Unka Kirdar

    उनका किरदार ( Unka kirdar ) उनका किरदार है क्या उनको बताया जाये आइना अहले -सियासत को दिखाया जाये जलने वालों को ज़रा और जलाया जाये ख़ाली बोतल ही सही जश्न मनाया जाये ज़ुल्म ही ज़ुल्म किये जाता है ज़ालिम हम पर अब किसी तौर सितमगर को डराया जाये इस ग़रीबी से बहरहाल निपटने के…

  • उन्हीं पर हक़ नहीं अब तो हमारा | Haq Shayari

    उन्हीं पर हक़ नहीं अब तो हमारा ( Unhi par haq nahin ab to hamara )    यहाँ सब आइने टूटे हुए हैं ख़ुदी में लोग यूँ डूबे हुए हैं अभी उतरी नहीं शायद ख़ुमारी जो अपने आप में खोये हुए हैं बहारों का करें क्या ख़ैर मक़दम वो अपने आपसे रूठे हुए हैं उन्हीं…

  • वो पहली मोहब्बत | Pehli Mohabbat

    वो पहली मोहब्बत ( Wo pehli mohabbat )   वो पहली मोहब्बत का बीता ज़माना याद आता है, वो छोटी-छोटी बातों पे रूठना मनाना याद आता है! ख्वाबों ख्यालों में रहना आसमान में उड़ने का मज़ा, हो दुनिया से बेख़बर इश्क-ऐ-फ़साना याद आता है! एक दूजे की आगोश में दिन रात का वक़्त गुजरना अपनी…

  • चलन में है अब | Chalan mein

    चलन में है अब ( Chalan mein hain ab )   सीने को खोलने का फैशन चलन में है अब और गाली बोलने का फैशन चलन में है अब देखो ज़रा संभल के तुम बात कोई बोलो कम करके तोलने का फैशन चलन में है अब ये दूध जैसी रंगत आई नहीं है यूं ही…

  • छोड़ो ना | Chhodo Na

    छोड़ो ना ( Chhodo na )   साल नया तो झगड़ा अपना यार पुराना छोड़ो ना मिलना जुलना अच्छा है तुम बात बनाना छोड़ो ना। भूल गए जो रूठ गए जो नज़रें फेरे बैठे हैं यादों में घुट घुट कर उनकी अश्क़ बहाना छोड़ो ना। दरिया, सहरा, सागर ,बादल ,कैद किया सब जुल्फ़ों में औरों…

  • तेरे सिवा | Tere Siva

    तेरे सिवा ( Tere Siva )   अभी तक फ़ूल वो फेंका नहीं हमने कोई तेरे सिवा देखा नहीं हमने किया है याद तुझको हर घड़ी दिल में कि कोई और सोचा नहीं हमने गयी क्यूँ छोड़कर तू फ़िर यहाँ तन्हा किया वादा ख़िलाफ़ तेरा नहीं हमने बता हमसे ख़फ़ा है क्यों भला फ़िर यूं…

  • बदलते देखा | Badalte Dekha

    बदलते देखा ( Badalte dekha )   हमने मौसम को कई रंग बदलते देखा वक्त हाथों से कई बार निकलते देखा। जिन निगाहों में थी आबाद मुहब्बत मेरी ग़ैर का ख़्वाब उसी आंख में पलते देखा। जो मेरा दोस्त था वो आज मुख़ालिफ़ यारो बात बेबात ज़हर उसको उगलते देखा। वो मुसव्विर हो सिकंदर हो…

  • नये इस साल में | Naye is Saal Mein

    नये इस साल में ( Naye is saal mein )    प्यार के कुछ गुल खिलेंगे अब नये इस साल में दिल मिलेंगे मुस्कुरा के जब नये इस साल में। आज की तारीख़ खुशियां ला रहा अबके नई गा रहे दिलकश तराने लब नये इस साल में। रंजिशें रखके भला कैसे चलेगी जिंदगी बात सारी…

  • कैसी बहार पर है वतन | Watan ke Halat par Ghazal

    कैसी बहार पर है वतन ( Kaisi bahar par hai watan )    किस तरह के निखार पर है वतन भुखमरी की कगार पर है वतन जिनके लहज़े भरे हैं नफ़रत से वो ये कहते हैं, प्यार पर है वतन इतनी महंगाई बढ़ गई हर सू हर घड़ी बस उतार पर है वतन मुल्क के…