चैत्र नववर्ष, हिन्दू नववर्ष

Hindu Nababarsha par Kavita || चैत्र नववर्ष, हिन्दू नववर्ष

चैत्र नववर्ष, हिन्दू नववर्ष

( Chaitra Nabbarsha, Hindū Nababarsha )

 

सकल भू लोक का निर्माण,

ब्रहृमा ने किया था जो तिथि।

है चैत्र शुक्ला प्रतिपदा सा,

श्रेष्ठ   दिन   है   वो   तिथि।

 

नव सृजन का मधुमास है,

तम दूर दिव्य  प्रकाश है।

पुष्पो से उपवन है भरे,

मनभाव  अन्तर्नाद  है।

 

यह चैत्र मास का प्रतिपदा,

माँ शक्ति का जयगान है।

इस मास के नौ तिथि को ही,

श्रीराम  का  अवतार  है।

 

यह चैत्र मास का शुक्ल पक्ष,

हिन्दू  का  पावन  मास  है।

इस  पक्ष  के  दिन पुर्णिमा,

जन्मे  जो  प्रभु  हनुमान है।

 

इस  मास  मे  वो  भाव है,

जहाँ भक्त अरू भगवान है।

नववर्ष  की  मंगल तिथि,

हुंकार  का  प्रणाम  है।

 

✍?

कवि :  शेर सिंह हुंकार

देवरिया ( उत्तर प्रदेश )

??शेर सिंह हुंकार जी की आवाज़ में ये कविता सुनने के लिए ऊपर के लिंक को क्लिक करे

यह भी पढ़ें : 

Hindi Kavita | Hindi Poem | Hindi Poetry -नाम जिंदा तो रहेगा

 

 

Similar Posts

  • इतिहास बदल कर रख दूंगा

    इतिहास बदल कर रख दूंगा माना अभी नहीं उछला है,सिक्का मेरी किस्मत का,पर जिस दिन ये उछलेगा, इतिहास बदल कर रख दूंगा. पत्थर पर पत्थर लगते हैं,सपने टूटा करते हैं.खुद से रोज बिखर जाते हैं,खुद हीं जुटा करते हैं. बादल, बिजली, तूफानों को,झेल – झेल कर बड़े हुए.काल कर्म की चक्की में,अक्सर हम कूटा करते…

  • सारा आकाश हमारा है | Kavita sara akash hamara hai

    सारा आकाश हमारा है ( Sara akash hamara hai )     उत्साह उमंगे उर भर लो सुंदर सारा नजारा है साहस भरकर देख लो सारा आकाश हमारा है   बुलंदियों की ओर बढ़ो हौसलों के साथ चलो लक्ष्य साध लो जीवन में तूफानों के संग पलो   संघर्षों से ही मंजिल का मिलता हमें…

  • हरा रंग | Hara Rang par Kavita

    हरा रंग ( Hara rang )    हरा रंग हरियाली का सद्भाव प्रेम खुशहाली का उत्साह पत्ता डाली का सुरभीत चमन माली का धरा मुस्कुराने लगी फिर ओढ़कर धानी चुनरिया कुदरत लहराने लगी ज्यों झूमी ब्रज में गुजरिया हरी भरी ये वसुंधरा हमारी लगती सबको प्यारी है रंग बिरंगे फूलों की महकती केसर की सी…

  • महामारी | Kavita

    महामारी ( Mahamari )   विकट समय में आज परीक्षा मानवता के नाम की चंद  सांसों  का  खेल  सारा संपदा किस काम की भूखे को भोजन मिल जाए क्या करना भंडार का अच्छे कर्मों की चर्चा चलती कहना है संसार का रोगी को दवा और सेवा मिल जाए अच्छी बात मानवता  अब गर्त में सोई…

  • बादल | Badal par kavita

    बादल ( Badal )     खतरे के बादल मंडराये कहर कोरोना लेकर आये सारी दुनिया कांप उठी सांसो की हम डोर बचाए   उमड़ घुमड़ नभ मे छा जाते काले काले मेघ आते खुशियों की बारिश लाते ताल तलैया भर जाते   गड़ गड़ करते व्योंम में कड़कड़ बिजली दमकती मूसलाधार बरसते रिमझिम रिमझिम…

  • राजस्थान स्थापना दिवस

    राजस्थान स्थापना दिवस हमारा प्यारा राजस्थान, हमारा प्यारा राजस्थान ।हरे भरें खेत खलिहान मरुस्थल की यह भूमि है ।वीर- सपूतों के बलिदानों की यह पावन भूमि है ।रंग- बिरंगी धरा हमारी हर कण में खुशियाँ छाई है ।वेदों की ध्वनि, ऋषियों की वाणी यहाँ विकसाईं है ।मातृ भूमि जन्म भूमि के कण- कण में सौरभ…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *